
हिसार, 16 अगस्त । हांसी में तोशाम रोड पर स्थित वक्फ बोर्ड की 6000 वर्ग गज जमीन पर विधायक विनोद भयाणा के नाम का उद्घाटन पत्थर लगाकर उस पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। खास बात है कि जमीन के अलॉटी वर्ष 2010 से दे रहे हैं जमीन का किराया लेकिन अब उसी जमीन पर कब्जा करके अवैध निर्माण किया जा रहा है।
जमीन के पावर ऑफ अटॉर्नी संदीप बांगा ने बुधवार को बताया कि बाबा विश्वकर्मा ट्रस्ट द्वारा उनकी उक्त वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध निर्माण शुरू करके 17 अगस्त को उसका उद्घाटन करवाया जा रहा है जिसका उद्घाटन खुद विधायक विनोद भयाणा करने आ रहे हैं। संदीप बांगा ने आरोप लगाया कि बाबा विश्वकर्मा ट्रस्ट द्वारा उनकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है यह जमीन सरकारी है। वक्फ बोर्ड ने इस जमीन को 2010 में 6 हजार वर्ग गज 8 हजार रुपये प्रति महीना किराए पर सज्जन पिता ज्ञानी राम रोहतक, शमशेर पिता भीम हांसी बास गांव के नाम वक्फ बोर्ड ने ऐलाट की थी जिसका वर्तमान में प्रत्येक महीने 17 हजार रुपये महीने किराया दिया जा रहा है। इस मामले को लेकर देश के राष्ट्रपति हरियाणा के डीजीपी डीसी हिसार एसपी हांसी एसपी हिसार आईजी हिसार को पत्र लिख कर मांग है कि जमीन को खाली करवाया जाए और जो आरोपी है उनके खिलाफ खख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।
न्यू माडल टाऊन निवासी संदीप बांगा ने बताया कि सज्जन रिश्ते में मेरेे चाचा व शमशेर सिंह रिश्ते में मेरे मामा लगते हैं इन दोनों ने हांसी की 6 हजार गज जमीन 2022 में वक्फ बोर्ड की पावर आफ अटोरिनी मेरे नाम कर दी थी। संदीप ने बताया कि 2010 से लेकर अब वर्तमान में वर्ष 2023 तक वक्फ बोर्ड की जमीन का किराया अदा किया हुआ है जिसकी रसीद कागजात मेरे पास हैं। इसी जमीन पर विश्वकर्मा ट्रस्ट हांसी द्वारा अवैध कब्जा करके उस पर निर्माण किया जा रहा है।
संदीप बांगा ने बताया कि इस मामले को लेकर राष्ट्रपति डीजीपी, डीसी, गृह मंत्री, हिसार एसपी हांसी, एसपी हिसार, आईजी हिसार को पत्र लिख कर मांग है कि जमीन को खाली करवाया जाए और जो आरोपी है उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। अब मनोहर लाल प्रधान हांसी के विधायक विनोद भ्याना का पत्थर लगाकर विश्वकर्मा ट्रस्ट के माध्यम से पत्थर लगा कर वक्फ बोर्ड की हमारी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं जो कि सरकारी जमीन है। उन्होंने मांग की कि 17 अगस्त को होने वाले उद्घाटन को रोका जाना चाहिए ताकि सरकारी जमीन पर कब्जा न हो और हमारी जमीन का हक हमें मिल जाए।

