
कोलकाता, 06 अगस्त । केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल को आर्थिक रूप से वंचित किए जाने के खिलाफ रविवार को राज्य में ब्लॉक स्तर पर तृणमूल कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर तृणमूल कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के घरों के सामने भी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद किया।
दरअसल तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 21 जुलाई के मंच से इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि तृणमूल कार्यकर्ता पांच अगस्त को कूचबिहार से काकद्वीप तक सभी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों के बाहर घेरने का अभियान चलाएंगे। ब्लॉक स्तर से लेकर बूथ स्तर तक सभी भाजपा नेताओं के छोटे-बड़े घरों का घेराव होना चाहिए।
अभिषेक ने कहा था कि यदि भाजपा नेता के परिवार में कोई बुजुर्ग सदस्य हैं तो उन्हें आने-जाने दिया जाए। लेकिन भाजपा नेता अपने घर से बाहर और अंदर ना आ जा सके। हालांकि, बाद में तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कार्यक्रम में बदलाव करते हुए भाजपा नेताओं के घरों से कम से कम 100 मीटर की दूरी रखने की बात कही थी। बाद में इस कार्यक्रम की तिथि बदलकर छः अगस्त कर दी गई थी।
रविवार को तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बरसात के बावजूद राज्य के कई ब्लॉकों में भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। तृणमूल नेताओं ने बालुरघाट में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के घर के पास विरोध प्रदर्शन किया। गौतम देव सिलीगुड़ी शहर के कार्यक्रम में मौजूद थे।
तृणमूल कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम कोलकाता शहर के विभिन्न इलाकों में हुआ। मंत्री फिरहाद हकीम खिदिरपुर के चेतला में मौजूद थे, तो बागबाजार में शशि पांजा थीं, वहीं उल्टोडांगा में कुणाल घोष थे। बराहनगर में विरोध प्रदर्शन के दौरान तापस राय समेत कई मंत्री-विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर बंगाल में दार्जिलिंग जिला कमेटी की तरफ से 10 सांगठनिक ब्लॉकों में विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दिन टाउन-2 कमेटी की ओर से सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष के घर संलग्न करुणामयी काली मंदिर के सामने मंच बनाकर तृणमूल नेता और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। कार्यक्रम में पार्टी के जिलाध्यक्ष पापिया घोष, सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव, डिप्टी मेयर रंजन सरकार व अन्य ने संबोधित किया। इसके अलावा तृणमूल ने माटीगाड़ा में दार्जिलिंग जिले के सांसद राजू बिष्ट के आवास के पास भी विरोध प्रदर्शन किया।
रविवार को हुगली जिले के चुंचूड़ा में तृणमूल कांग्रेस ने मंच बना कर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर विधायक असित मजूमदार, चांपदानी के विधायक अरिंदम गुइन और जिला नेतृत्व के लोग उपस्थित थे। तृणमूल कांग्रेस के हुगली-श्रीरामपुर सांगठनिक जिले के अध्यक्ष अरिंदम गुइन ने बताया कि हुगली के 18 ब्लॉकों में तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा विरोधी धरना प्रदर्शन किया है।
दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर ब्लॉक में तृणमूल कांग्रेस ने थंगापारा बतासाकुरी चौराहे पर केंद्र सरकार के विरोध में धरने और प्रदर्शन का आयोजन किया। अचानक उस मंच पर स्थानीय भाजपा विधायक पहुंच गए। भाजपा विधायक सत्येन्द्रनाथ रॉय न सिर्फ तृणमूल के मंच पर गए, बल्कि माइक्रोफोन हाथ में लेकर वहां अपना वक्तव्य भी रखा। भाजपा विधायक सत्येन्द्रनाथ रॉय आज तृणमूल के मंच पर आये और कहा कि मुझे अपने घर के सामने तृणमूल के कार्यक्रम पर कोई आपत्ति नहीं है। सभी पार्टियों के अपने नियम हैं। तृणमूल ने भी फैसला किया। उसी के तहत पार्टी कार्यकर्ता यहां बैठे हैं। मैं कभी तृणमूल का सदस्य था, अब भाजपा विधायक हूं। मैं बस शांति से कहूंगा, आपकी मांग दिल्ली तक जाएगी। केंद्र सरकार और बंगाल सरकार चर्चा के जरिए अगला फैसला लेगी। व्यक्तिगत तौर पर मेरा मानना है कि राज्य और केंद्र सरकार को आपस में बातचीत कर इसका समाधान निकालना चाहिए। बंगाल में हाशिए पर रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के लिए जो भी जरूरत है, उनका जो भी पैसा फंसा हुआ है, वह बंगाल की जनता को मिलना चाहिए।
हालांकि, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल के इस कार्यक्रम की आलोचना की। उनका कहना था कि आज चोर धरने पर बैठे हैं। नरेंद्र मोदी किसी को वंचित नहीं करते।
वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि बकाया राशि के लिए ब्लॉक-दर-ब्लॉक धरने से क्या होगा? यदि आप वंचित महसूस करते हैं, तो सीधे दिल्ली जाएं।

