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जम्मू कश्मीर में शहीद हुए जयपुर के लाल को अंतिम विदाई

जयपुर, 6 अगस्त । जयपुर ग्रामीण इलाके के मनोहरपुर ग्राम हनुतपुरा के भारतीय सेना के 34वीं राष्ट्रीय राइफल में कार्यरत हवलदार बाबूलाल हरितवाल जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले के हल्लन मजगांव जंगल में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए। बाबूलाल की पार्थिव देह रविवार को मनोहरपुर थाने पहुंची। जहां से राजकीय सम्मान के साथ में हनुतपुरा गांव में अंत्येष्टि के लिए रवाना हुए। बाबूलाल जाट (38) का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। रविवार शाम 6.25 बजे उनके दोनों बेटों विशाल (18) और विशेष (14) ने मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा गांव भारत माता की जय के नारों से गूंजता रहा। इससे पहले करीब 9 किमी की तिरंगा यात्रा निकाली गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए तांता लगा रहा।शहीद बाबूलाल का जन्म 5 मई 1985 को हुआ था और फरवरी 2002 में सेना में भर्ती हुआ था। तीन साल पहले ही उनका प्रमोशन हेड कांस्टेबल के पद पर हुआ था।

बाबूलाल की शादी 13 मई 1994 को शाहपुरा निवासी कमलेश के साथ हुई थी। उसके विशाल व विशेष दो पुत्र है,जो सीकर में रहकर नीट की तैयारी कर रहे हैं। हवलदार बाबूलाल हरितवाल एक माह के अवकाश पर रहने के बाद 29 जुलाई को ही ड्यूटी गया था। दो भाइयों में बाबूलाल छोटा है। बड़ा भाई भैरुलाल जाट हनुतपुरा में ही कृषि कार्य करता है। बाबूलाल के शहीद होने का समाचार मिलते ही गांव में शोक की लहर छा गई। बुजुर्ग पिता गुल्लाराम जाट और बड़ा भाई भैरुलाल जाट एक दूसरे को दिलासा देते रहे। शहीद के बड़े भाई भैरुलाल जाट ने कहा कि छोटे भाई के जाने का दुख है,लेकिन फक्र है कि देश के लिए शहीद हुआ है।

गौरतलब है कि बाबूलाल जाट की पार्थिव देह श्रीनगर से स्पेशल विमान से रविवार सुबह रवाना की गई थी। दोपहर को जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट पर पार्थिव देह पहुंची। यहां तिरंगे में लिपटे पार्थिव देह को भारतीय सेना और राजस्थान पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी शहीद को सलामी दी गई। इसके बाद जयपुर स्थित सांगानेर एयरपोर्ट से जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए सेना के जवानों के साथ 70 किलोमीटर का सफर तय पार्थिव देह को मनोहरपुर लागया।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को आतंकियों ने सेना के कैंप पर हमला बोला था। इसमें बाबूलाल सहित तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। श्रीनगर के मिलिट्री हॉस्पिटल में इलाज के दौरान शुक्रवार देर रात बाबूलाल की मौत हो गई थी। सेना की ओर से शहादत की सूचना शनिवार सुबह करीब तीन बजे बाबूलाल के बड़े भाई भैरुलाल को दी गई थी। शनिवार तड़के शहादत की सूचना मिलने के बाद उन्होंने 24 घंटे तक बाबूलाल के परिवार से यह बात छुपा कर रखी। रविवार सुबह शहीद के दोनों बेटों को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दिन में पत्नी कमलेश देवी चौधरी और परिवार को बताया गया।

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