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राज्य का दर्जा छीनने से पूर्ववर्ती डोगरा रियासत के व्यापार, रोजगार ओर अर्थव्यवस्था पर पड़ा प्रतिकूल प्रभाव: हर्ष देव

राज्य का दर्जा छीनने से पूर्ववर्ती डोगरा रियासत के व्यापार, रोजगार ओर अर्थव्यवस्था पर पड़ा प्रतिकूल प्रभाव: हर्ष देव

उधमपुर/चिनैनी, 28 जून  । पूर्व मंत्री और एनपीपी अध्यक्ष हर्ष देव सिंह ने बुधवार को चिनैनी निर्वाचन क्षेत्र के कुमारली और मानतलाई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोगांे के साथ बैठकें की तथा उनकी समस्याओं को सुना।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा छीन लिए जाने से देश की पूर्ववर्ती डोगरा रियासत के व्यापार, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अर्थव्यवस्था तेजी से नष्ट हो गई और विकास परिदृश्य में गिरावट देखी गई। लगातार बढ़ती बेरोजगारी भगवा शासन की एकमात्र उल्लेखनीय विशेषता प्रतीत हुई।

हर्ष देव ने जम्मू-कश्मीर और विशेष रूप से डोगरा को यूटी के स्तर तक गिराकर सबसे पुराने डोगरा राज्य को खत्म करके डोगराओं को अपमानित किया है। धारा 370 को निरस्त करने के बाद विशेष रूप से बाहरी लोगों के लिए भूमि और नौकरियों को खोलने सहित कई कठोर कानूनों का विस्तार, जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक बड़ा झटका है। जम्मू क्षेत्र के बेरोजगार युवा सबसे अधिक निराश हैं क्योंकि सेवाओं में उनकी हिस्सेदारी बेहद कम हो गई है। दिहाड़ी मजदूर, संविदाकर्मी, अल्परोजगार सभी भाजपा शासन में ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

यह आरोप लगाते हुए कि केंद्र शासित प्रदेश में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें जमा चुकी हैं, सिंह ने निगरानी संगठनों से विभिन्न विभागों विशेषकर पीएचई, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, बिजली, सीएपीडी और आरडीडी के कामकाज पर कड़ी नजर रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पेयजल संकट के लिए संबंधित अधिकारियों का ढुलमुल रवैया जिम्मेदार है। उन्होंने लंबित परियोजना योजना के तहत कराये गये कार्यों का शीघ्र निर्माण कराने को कहा। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, पीएचई, पीडीडी आदि में पिछले दो-तीन वर्षों से लंबित ठेकेदारों और मेटों की देनदारियों और अन्य कार्यों के दावों को शीघ्र मंजूरी देने की मांग की। उन्होंने उन किसानों को मुआवजा तुरंत जारी करने की मांग की जिनकी भूमि और अन्य संरचनाओं के निर्माण के लिए भूमि और अन्य संरचनाओं का अधिग्रहण किया गया है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि राजनीतिक आकाओं के पूर्ण संरक्षण का आनंद ले रहे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण लोगों की तकलीफों को सुनने वाला कोई नहीं है।

उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि एनपीपी हर दुख-सुख में लोगों के साथ खड़ी रहेगी और भाजपा को उसके राजनीतिक दुराचार और छल-कपट के लिए बेनकाब करना और उसका विरोध करना जारी रखेगी।

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