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अधेड़ बेटे भी पढ़ाई पूरी करने को प्रेरित हों, 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने 12वीं की परीक्षा पास की

काठमांडू, 17 अगस्त । कहते हैं कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती- इसे सच साबित कर दिखाया है नेपाल की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने। उन्होंने इस उम्र में 12वीं की परीक्षा पास कर अपने बेटों के समक्ष उदाहरण पेश किया जो पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए।

बुधवार को जब 12वीं की परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ तो काठमांडू निवासी रत्ना सुनुवार की खुशी बाकी परीक्षार्थियों से अलग थी। काठमांडू के शान्तिनगर स्थित बानेश्वर कॉलेज से 80 वर्षीया महिला रत्ना ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। वे ग्रामीण विकास, समाज शास्त्र और जनसंचार विषय की पढ़ाई कर 65 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई हैं। अब वे ग्रेजुएट होने की चाहत रखती हैं।

नेपाल के रामेछाप जिला निवासी रत्ना सुनुवार के चार बच्चे और 7 नाती-पोते हैं। विकट इलाके में घर, कम उम्र में शादी, परिवार की जिम्मेदारी के कारण वे पहले पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई थी लेकिन पढ़ाई की इच्छा हमेशा रही। रत्ना ने बताया कि कोरोना काल में जब पूरा परिवार साथ में रहा तो उनके पति और बच्चों ने उनकी पढ़ने की लालसा को देखते हुए प्रेरित किया। कोरोना के समय ही यानी 78 वर्ष की उम्र में उन्होंने 10वीं बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

घर की आर्थिक हालत के कारण उनके बच्चों की भी पढ़ाई अधूरी रह गई थी। रत्ना ने कहा कि अपने बच्चों को प्रेरणा देने के लिए भी उन्होंने इस उम्र में पढ़ाई करने की ठानी ताकि उनके बच्चों की भी पढ़ाई पूरी हो सके।

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