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मप्रः दमोह में पौड़ी जलाशय फूटने से दो गांवों में घुसा पानी, प्रशासन ने एहतियातन पहले ही खाली करा लिए थे गांव |

मप्रः दमोह में पौड़ी जलाशय फूटने से दो गांवों में घुसा पानी, प्रशासन ने एहतियातन पहले ही खाली करा लिए थे गांव

दमोह, 25 जुलाई। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में तेंदूखेड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम पौड़ी स्थित जल संसाधन का जलाशय मंगलवार तड़के फूट गया, जिससे जलाशय के डूब क्षेत्र के दो ग्रामों में मकान, खेत-खलिहान के साथ घर-गृहस्थी का सामान डूब गया। बचाव दल के साथ पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया इसलिए जनहानि नहीं हुई। अधिकारियों ने लोगों को निकाल कर दूसरी जगह भेज दिया था।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को जब ग्राम पौड़ी के लोग जलाशय के पास पहुंचे थे तो उन्होंने उसमें सुराख देखा। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ तहसीलदार मोनिका वाघमारे और थाना प्रभारी श्याम बेन भी गांव पहुंच गए और दिनभर मौके पर उपस्थित रहकर उन्होंने पहले सुराख को बन्द करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

उसके बाद तहसीलदार मोनिका बाघमारे ने दमोह कलेक्टर कलेक्टर मयंक अग्रवाल को मामले की जानकारी दी। कलेक्टर के निर्देश पर देर रात पुलिस प्रशासन ने ग्रामों को खाली करवाना शुरू किया और सुबह तक दो गांव पूरी तरह से खाली करा लिए गए। इसके बाद सुबह करीब पांच बजे जलाशय फूट गया।

जिला प्रशासन द्वारा गांव खाली करा लेने के कारण जलाशय के फूटने से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दोनों गांवों में भारी नुकसान होने का अनुमान है। ग्राम पौड़ी और जेतगढ़ पूरी तरह डूब गए हैं। यहां घरों में सात से आठ फीट तक पानी भरा है। यहां के मकान मात्र दो से तीन फीट ही पानी से बाहर दिखाई दे रहे हैं, जबकि खेत-खलिहान और किसानों की सभी सामग्री पानी में डूबी हुई है।

तेंदूखेड़ा एसडीएम अबिनाश रावत, तेंदूखेड़ा तहसीलदार मोनिका वाघमारे, जनपद सीईओ मनीष बागरी, तारादेही थाना प्रभारी श्याम बेन, जवेरा टीआई इंद्रा सिंह, इमलिया चौकी प्रभारी आनंद अहिरवार, जिले से एसडीआरएफ की टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम रात्रि में ही मौके पर पहुंच गई थी।

तहसीलदार मोनिका बाघमारे ने बताया कि तालाब में सुराख की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने जल संसाधन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तालाब की मरम्मत कराने की कोशिश की लेकिन सुराख से पानी का बहाव कम नहीं हुआ, इसलिए कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम पौड़ी और जेतगढ़ को खाली कराया गया। ग्रामीणों को उनके रिश्तेदार तारादेही स्कूल और अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। पुलिस प्रशासन सुरक्षा में लगे हुए हैं।

वहीं, कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सभी प्रकार की तैयारियां करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। स्थिति पर नजर बनी हुई है। प्रशासन ग्रामीणों की हर संभव सहायता कर रहा है।

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