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मणिपुर में हिंसा के खिलाफ इंडिया ने राजभवन के समक्ष किया उग्र प्रदर्शन

रांची, 01 अगस्त । मणिपुर में हिंसा और आदिवासी महिला के साथ हुई घटना के खिलाफ मंगलवार को रांची में इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस ( इंडिया) के घटक दलों ने राजभवन के समक्ष महाधरना दिया और मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। इस संबंध में झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है।

मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि मणिपुर की घटना ने देश को शर्मसार किया है। बावजूद मामले में प्रधानमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं। वह ना तो सदन में चर्चा करते हैं और ना ही राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करते हैं। कांग्रेस पार्टी मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को लेकर इंडिया के बैनर तले धरना पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि मन की बात छोड़िए, मनमानी छोड़िए और मणिपुर की बात करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाइए।

कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने कहा कि मणिपुर की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है वह लोकतंत्र का मजाक उड़ा रही है। महाधरना के जरिए वे लोग अपनी चट्टानी एकता को दर्शा रहे हैं। वे अपनी बातों को धीरे-धीरे पंचायत से लेकर पूरे राज्य तक पहुंचाएंगे, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को केंद्र की नीतियों की जानकारी मिल सके और भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने में मदद मिल सके। इसमें कांग्रेस ,झामुमों , राजद, जदयू के साथ-साथ घटक दलों की अन्य पार्टियां भी शामिल हुईं। मौके पर सभी पार्टियों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया।

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