Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

संशोधित: हिमाचल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे सहित 83 सड़कें बंद,तीन की मौत

हिमाचल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे सहित 83 सड़कें बंद,तीन की मौत

नोट: दूसरे पैरा में दिन में संशोधन के साथ दोबारा जारी किया गया।

शिमला, 26 जून। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की वर्षा का व्यापक असर दिख रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई भागों में भारी बारिश हुई है, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। हमीरपुर ज़िले में सुजानपुर उपमण्डल के खेरी गांव में बादल फटने की घटना में कुछ घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। भारी वर्षा से राज्य के कई क्षेत्रों में भूस्खलन होने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक घायल हुआ है। इसके अलावा एक व्यक्ति अभी भी लापता है। भारी वर्षा और बाढ़ से कई पशुओं व गाड़ियों के बहने और अन्य सम्पति को भी नुकसान हुआ है।

राज्य बारिश के बीच भूस्खलन से चंडीगढ़-मनाली व शिलाई-पांवटा साहिब नेशनल हाइवे सहित 83 सड़क मार्ग अभी भी अवरुद्ध हैं, जिन्हें खोलने के प्रयास किये जा रहे हैं। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे मंडी जिला में दो जगह अवरुद्ध है। हालांकि कुल्लू से आने वाली छोटी गाड़ियों को वाया गोहर-चौलचौक होते हुए भेजा जा रहा है, लेकिन बड़ी गाड़ियां और मालवाहक वाहन अभी भी जाम में ही फंसे हुए हैं। पलम की खेप लेकर जा रहे जीप चालकों ने बताया कि वे शनिवार से जाम में फंसे हैं। अगर समय पर मंडी में नहीं पहुंचे तो फिर फसल खराब हो जाएगी और उन्हें भाड़ा भी नहीं मिलेगा। मंडी के एएसपी सागर चंद्र ने बताया कि सात और चार मील के पास नेशनल हाईवे को बहाल करने का कार्य चल रहा है। इस बीच पराशर घूमने आये चम्बा के एक सौ विद्यार्थी बागी में सड़क टूटने के कारण शनिवार रात से ही फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक मंडी जिले में सबसे ज्यादा 35 सड़कें बंद हैं। इसी तरह सिरमौर जिला में 23, चंबा में 10, सोलन में सात, कुल्लू में पांच, बिलासपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और शिमला में एक-एक सड़कमार्ग बाधित हैं। भारी वर्षा से 140 ट्रांसफार्मरों के बंद होने से कई जगह बिजली गुल है। सिरमौर जिला के नाजन उपमंडल में 69, चंबा में 30, मंडी में 25, कुल्लू में 16, लाहौल-स्पीति में आठ, हमीरपुर में पांच और किन्नौर में एक ट्रांसफार्मर बंद हैं।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार धर्मशाला में सर्वाधिक 106 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इसके अलावा मंडी में 56, पांवटा साहिब में 43, पालमपुर में 32, चंबा में 24, कांगड़ा में 15 और धौलाकुआं में 12 मिलीमीटर वर्षा हई है। बादलों के बरसने से तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया है। राज्य का औसतन न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.1 डिग्री नीचे रिकार्ड हुआ है। शिमला में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री, सुंदरनगर में 21.4, भुंतर में 18.6, कल्पा में 13.8, धर्मशाला में 19.2, उना में 24, नाहन में 22, केलांग में 12.1, पालमपुर में 19, सोलन में 20.2, मनाली में 16.1, कांगड़ा में 22.1, मंडी में 20.9, बिलासपुर में 22, हमीरपुर में 23.6, चंबा में 21.6, डल्हौजी में 14.2, जुब्बड़हट्टी में 18.8, कुफरी में 14.7, कुकुमसेरी में 13.7, नारकंडा में 13.5, रिकांगपिओ में 17.3, सियोबाग में 19, धौलाकूआं में 25, बरठीं में 24.3, मशोबरा में 15.5, पांवटा साहिब में 25, सराहन में 18 और देहरा गोपीपुर में 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। वर्षा के बाद नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।

मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में मैदानी व मध्यपर्वतीय क्षेत्रों में अगले चार दिन भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मानसून की सक्रियता से प्रदेश में आगामी दिनों में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। उन्होंने बाहर से घूमने आ रहे पर्यटकों व स्थानीय लोगों से नदी-नालों के किनारों पर न जाने की अपील की है।

error: Content is protected !!