
हिमाचल भाजपा ने चम्बा हत्याकांड और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
शिमला, 26 जून । हिमाचल प्रदेश में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की है। इस भेंट में विपक्षी दल भाजपा ने राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य में चंबा हत्याकांड व कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के नेतृत्व में पार्टी ने ज्ञापन सौंपकर राज्यपाल से चार मांगों का उल्लेख करते हुए इन्हें पूरा करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में कहा गया कि चंबा जिला के ग्राम पंचायत भांदल स्थित थरोली गांव में पिछले दिनों मनोहर लाल नामक युवक की निर्मम हत्या हुई है। उसका शव गांव से कुछ दूर नाले में बोरी में क्षत-विक्षत हालत में मिला। मनोहर के शरीर के आठ टुकड़े किए गए थे। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे हिमाचल और समस्त हिमाचलवासियों को दहला कर रख दिया है।
भाजपा ने ज्ञापन में कहा है कि इस नृशंस हत्या में जिस परिवार की गिरफ्तारी हुई है, वह एक विशेष समुदाय से सम्बन्ध रखता है। भाजपा का मानना है कि घटना के पीछे जिस आरोपी का हाथ बताया गया है, उसकी पृष्ठभूमि पहले से ही संदिग्ध रही है और उसका परिवार आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है। इस घटना के बाद चंबा जिला के साथ-साथ पूरे प्रदेश में आकोश का वातावरण बना हुआ है।
ज्ञापन में भाजपा ने मांग उठाई है कि चंबा हत्याकांड मामले के सभी आरोपियों की जांच राष्ट्रीय जांच ऐजेन्सी (एन0आई०ए०) के माध्यम से हो ताकि इस परिवार की संदिग्ध गतिविधियों की सही जानकारी मिल सके। इस हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से प्रतिदिन सुनवाई हो और आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। चंबा जिला की उंची पहाड़ियों पर चारागाह परमिट की जांच की जाए और इसका आंबटन दोबारा से किया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले विशिष्ठ समुदायों के लोग, जो अनेक प्रकार के छोटे-बड़े कारोबार कर रहे हैं, उनकी बाकायदा नियमानुसार वैरिफिकेशन की जाए, क्योंकि अकसर सूचनाएं मिलती है कि बंगलादेशी/रोहिंग्यो जगह-जगह हिमाचल प्रदेश में बस रहे हैं।
जयराम और बिंदल ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा गई है। नालागढ़ में पुलिस की लापरवाही के कारण पुलिस कस्टडी में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। सिरमौर में पुलिस राह चलते युवकों पर प्रहार करती है, युवक के कान का पर्दा फट जाता है और न सरकार, न प्रशासन, कोई व्यक्ति इस घटना पर गौर तक नहीं करता। शिमला में लगातार लावारिस शवों के मिलने से ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है।
भाजपा नेताओं ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के मात्र छ महीने के कार्यकाल में ही 40 से अधिक हत्याएं, 150 से अधिक रेप केस और 183 अपहरण के मामले दर्ज हो चुके हैं।

