Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

एसएससी को हाई कोर्ट से झटका, नहीं जाएगी प्रियंका की नौकरी

कोलकाता, 24 अगस्त । कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर शिक्षक की नौकरी कर रही प्रियंका साव को हटाने को लेकर खंडपीठ गए एसएससी को गुरुवार झटका लगा है। प्रियंका की नौकरी रद्द करने के एसएससी का आवेदन को रद्द करते हुए खंडपीठ ने न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली के एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा और कहा कि वह नौकरी करती रहेंगी।

29 सितंबर 2022 को हाई कोर्ट के जस्टिस अभिजीत गांगुली ने प्रियंका की नियुक्ति का आदेश दिया था। बाद में एसएससी उस आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच के पास गया। उनका कहना था कि श्रेणीवार विस्तृत मेरिट सूची की जांच के बाद, प्रियंका को नौकरी का अवसर नहीं मिलना चाहिए। लेकिन हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उस अर्जी को खारिज कर दिया।

न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति उदय कुमार की खंडपीठ ने कहा कि आयोग ने मामले में एकल पीठ के आदेश को पहले ही स्वीकार कर लिया है। तदनुसार, प्रियंका को भी नौकरी मिल गई। ऐसे में सवाल उठता है कि नए आयोग का आवेदन कितना स्वीकार्य है। इसलिए डिवीजन बेंच जस्टिस गांगुली के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। वहीं, जजों के अवलोकन, पुरुष और महिला मेरिट सूची के आधार पर प्रियंका को नौकरी मिलने में कुछ भी गलत नहीं है। तो उसकी नौकरी बनी रहेगी।

error: Content is protected !!