
वाराणसी, 24 अगस्त । लगभग एक पखवाड़े तक शांत रहने के बाद गंगा की लहरें फिर उफनने लगी है।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार को अपराह्न दो बजे तक गंगा का जलस्तर 64.64 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर दोपहर 12 बजे तक 64.60 मीटर पर रहा। गंगा लगभग दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। पिछले दो-तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव देख घाट किनारे फिर एनडीआरएफ टीम और जलपुलिस सतर्क है। घाटों के सम्पर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। गंगा घाट की सभी सीढ़ियां पानी में समा गये हैं। उनका आपसी सम्पर्क भी टूट गया है।
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के बाद भी राजेंद्र प्रसाद घाट और दशाश्वमेध घाट पर स्नान करने वालों की भारी भीड़ देख पुलिस अफसर उन्हें गहरे पानी में न जाने की अपील कर रहे हैं। घाट पर जल पुलिस, एनडीआरएफ की टीम लगातार चक्रमण कर रही है। गंगा नदी में बाढ़ की सूरत दोबारा बनने लगी है। तटवर्ती इलाकों में भी लोग लहरों पर नजर रख रहे है। लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। गंगा में चेतावनी बिंदू 70.262 मीटर, खतरे का निशान 71.262 मीटर, बाढ़ का उच्चतम जलस्तर 73.901 मीटर रहा है।

