
रांची, 27 जुलाई । झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर यूपीए विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री सह विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को मुख्यमंत्री हाउस में हुई। बैठक में सत्र ठीक से चले, इसको लेकर चर्चा हुई। साथ ही विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा की गयी। कहा गया कि विपक्ष के हर सवाल का जवाब सत्ता पक्ष पूरी मजबूती से देगा।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता सह मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। ओबीसी आरक्षण, मॉब लिचिंग बिल तथा स्थानीय नीति बिल को सदन में फिर से लाए जाने पर भी चर्चा हुई। मगर जिस प्रकार से राजभवन ने इसे लौटाया था, यह उचित तरीका नहीं था। इसलिए राजभवन सचिवालय से विधेयक को भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 एवं झारखंड विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन के नियम–98 (1) के तहत राज्यपाल के संदेश के साथ राज्य सरकार एवं विधानसभा को उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने लॉ एंड ऑडर मामले में कहा कि सरकार हर घटना पर त्वरित कार्रवाई कर रही है। हमलोग मणिपुर मामले को सदन के अंदर और बाहर उठाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मणिपुर मामले को यूपीए के विधायक सदन में उठाएंगे। सदन को चलाने की जवाबदेही सत्ता एवं विपक्ष दोनों की होती है। अगर विपक्ष सहयोग किया तो उसके हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। झामुमो के मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा ही नहीं है। भाजपा शासित राज्य की विधि व्यवस्था उससे संभल नहीं रहा है। वे लोग क्या विधि व्यवस्था पर बात करेंगे। बैठक में राजभवन के द्वारा लौटाए तीन बिल पर भी चर्चा की गयी। कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि बैठक में कई मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसमें स्थानीय नीति, मॉब लिचिंग बिल तथा ओबीसी आरक्षण बिल आदि शामिल हैं।

