
वाराणसी, 27 जुलाई । विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के तहत महिला व पुरुष नसबंदी के लिए जिले में गुरुवार को मेगा कैम्प का आयोजन किया गया। जनपद की स्वास्थ्य इकाइयों पर आयोजित इस मेगा कैम्प में कुल 131 लोगों ने नसबंदी कराया। इनमें 17 पुरुष व 114 महिला नसबंदी शामिल रहीं। मेगा शिविर में नसबंदी के प्रति दिखे उत्साह ने एक बार फिर साबित किया कि परिवार नियोजन के प्रति अब लोग काफी जागरूक हो रहे हैं। इसी को देखते हुए रविवार को पुनः मॉप अप मेगा नसबंदी शिविर का आयोजन सभी 11 स्वास्थ्य इकाइयों पर आयोजित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि पुरुष नसबंदी के लिए शहरी सीएचसी चौकाघाट में व्यवस्था की गयी थी। जबकि महिला नसबंदी के लिए सीएचसी चौकाघाट के अलावा सीएचसी दुर्गाकुण्ड, पीएचसी हरहुआ, सेवापुरी, बड़ागांव, पिण्डरा, सीएचसी आराजी लाइन,नरपतपुर, चोलापुर, मिसिरपुर व जिला महिला अस्पताल में शिविर लगाया गया। परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ एचसी मौर्य ने बताया कि शिविरों के लिए आठ सर्जन तैनात किये गये थे। इस मेगा कैम्प के आयोजन में यूपीटीएसयू व पीएसआई इंडिया का सहयोग रहा।
नसबंदी के इस मेगा शिविर के प्रति लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। शहरी सीएचसी चौकाघाट में नसबंदी कराने के लिए पुरुष व महिलाओं के पहुंचने का क्रम सुबह नौ बजे से ही शुरू हो गया था। उनके साथ आयी आशा कार्यकर्ता व एएनएम नसबंदी कराने के पूर्व कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने में सहयोग कर रही थी।
रोहनियां निवासी व पेशे से मजदूर 47 वर्षीय लालबहादुर ने बताया कि वह दो बच्चों का पिता है। अब वह और बच्चा नहीं चाहता। एएनएम प्रेमशीला के प्रोत्साहित करने पर वह यहां नसबंदी कराने आया है। खोजवां निवासी 42 वर्षीय महेन्द्र ने बताया कि उसे तीन बच्चे है। मजदूरी कर घर चलाता है। अब और बच्चे न हो इसलिए वह नसबंदी कराने आया है। नसबंदी कराने के बाद जंसा निवासी 43 वर्षीय राजकुमार पटेल ने बताया कि ‘जब वह नसबंदी कराने के लिए आपरेशन कक्ष में जा रहे थे तब थोड़ी घबराहट थी। महज पांच मिनट के आपरेशन ने उसकी सभी उलझन को दूर कर दिया। इतना सरल आपरेशन होगा, इसके बारे में तो उसने सोचा भी नहीं था।‘ राजकुमार ने कहा कि अब वह और लोगों को भी नसबंदी कराने के लिए प्रेरित करेगा।
सीएचसी चौकाघाट की अधीक्षिका फाल्गुनी गुप्ता ने बताया कि उनके केन्द्र में पुरुषों की नसबंदी डॉ. एसके सिंह ने व महिलाओं की नसबंदी डॉ शैला त्रिपाठी ने किया।

