
भिवानी: चमार रेजीमेंट को बहाल करने सहित अन्य मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम सौंपा मांग पत्र
भिवानी, 04 जुलाई (हि.स.) हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को उपायुक्त के माध्यम से हरियाणा के राज्यपाल को मांगपत्र भेजकर समाज की विभिन्न मांग व मुद्दे उठाए है। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज पिछले लंबे समय से अपनी विभिन्न मांग व मुद्दों का लेकर संघर्षरत्त है, जिनके बारे में कई बार सरकार को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन आज तक उनका समाधान नहीं हुआ। जिसके चलते समाज के लोगों में रोष है।
मांगपत्र के माध्यम से हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता मांगेराम तोंदवाल, प्रदेश प्रवक्ता राजेश चौधरी एवं जिला अध्यक्ष वीरभान मुवाल ने मांग की कि वर्ष 1942 में बनी चमार रेजीमेंट को 1945 में समाप्त कर दी गई जिसे तुरंत बहाल किया जाए, हरियाणा में संत शिरोमणि गुरू रविदास विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए, यूपीएससी के माध्यम से न्यायपालिका में योग्य युवाओं का चयन हो, जिसमें नियमानुसार आरक्षण भी लागू किया जाए, भर्तियों में आरक्षण लागू किया जाए, अनुसूचित जाति के अभ्यार्थियों के लिए बैकलॉग पूरा किया जाए, पदोन्नति में आरक्षण का लाभ दिया जाए, जिन सरकारी विभागोंं का निजीकरण किया गया है, उनमें आरक्षण लागू किया जाए।
अनुसूचित जाति के लेागें की वृद्धावस्था सम्मान पेंशन की आयु 60 वर्ष से घटाकर 55 वर्ष की जाए, नए संसद भवन का नाम भारत रत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाए, एससी-एसटी एक्ट के विरोध में हुए प्रदर्शन में भाग लेने वालों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापिस लिए जाए सहित अन्य मांगें है। उन्होंने ने कहा कि इतने वर्षो से अनदेखी की मार झेल रहे अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों में गुस्सा है। जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो मजबूरन उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

