
गुवाहाटी/असम,15 दिसंबर | असम के मुख्यमंत्री हेमंत शर्मा अक्सर अपनी हिंदूवादी छवि के कारण चर्चाओं में रहते हैं | असम के मुख्यमंत्री लगातार असम में कुछ न कुछ ऐसी घोषणाएं कर देते हैं कि वह पूरे देश में चर्चा का कारण बन जाते हैं।अब हाल ही की घटना को ले लीजिए जहां असम के प्राथमिक शिक्षा विभाग के द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि राज्य भर में 1281 उच्च प्राथमिक एम ई मदरसों को एम ई स्कूल के रूप में जाना जाएगा।
क्या है मामला?
असम सरकार की ओर से 14 दिसंबर को बताया गया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में सरकार द्वारा संचालित 1281 मद्रास को बंद कर दिया गया है तथा सरकार के अधिकारियों ने गुरुवार के दिन घोषणा करके कहा कि असम सरकार ने राज्य के 31 जिलों में कम से कम 1281 मद्रास को सामान्य स्कूलों में बदल दिया है।
असम राज्य के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू जी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के हैंडल पर जानकारी साझा की कि मदरसे अब हजारों विद्यार्थियों की आधुनिक शिक्षा का केंद्र बन चुके हैं,उन्होंने लिखा-
“माध्यमिक शिक्षा बोर्ड असम के तहत सभी सरकारी और प्रांतीय मदरसों को सामान्य स्कूलों में परिवर्तित करने के परिणाम स्वरूप स्कूल शिक्षा विभाग असम ने आज एक अधिसूचना द्वारा 1281 में मद्रास के नाम बदलकर मिडिल इंग्लिश स्कूल कर दिया है।”
तथा शिक्षा मंत्री पेगु द्वारा साझा किए गए आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि “राज्य सरकार की मंजूरी के अनुसार प्रारंभिक शिक्षा निर्देशालय असम के तहत 1281 एमई मदरसों का नामकरण तत्काल प्रभाव से एम ई स्कूल के रूप में जाना जाएगा”
अब तक क्या-क्या हो चुका है ?
आपको बता दें कि जनवरी 2021 में असम सरकार द्वारा एक कानून पारित किया गया था जिसमें असम राज्य में सभी सरकारी संचालित के लिए सामान्य स्कूल बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। जिस पर मुख्यमंत्री समेत कई अन्य प्रदेश मंत्रियों ने विचार किया था और यह उस समय देश में चर्चा का कारण भी बना था।।
प्रभाव क्या रहा?
निजी मदरसों को छोड़कर इसका प्रभाव 731 मदरसों और अरबी कॉलेज पर पड़ा जो राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड असम उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड असम का हिस्सा थे।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मार्च कर्नाटक में एक रैली के दौरान असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार ने 600 मदरसों को बंद कर दिया है और उनका इरादा सभी मदरसों बंद करने का है क्योंकि वह इस्लामी मजहबी केंद्रों के बजाय शैक्षणिक संस्थाओं को प्राथमिकता देते हैं इन 1281 मदरसों में धुबरी जिले में सबसे ज्यादा 268 मदरसे हैं।
(अमित चौबे अनमोल)

