
लखनऊ,07 अगस्त । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि स्वयंसेवी संस्था ‘उम्मीद’ के साथ विश्वविद्यालय आपसी समन्वय स्थापित करे। साथ ही विश्वविद्यालय एवं अधीनस्थ महाविद्यालयों के चौराहों पर भिक्षावृत्ति के कार्य में संलिप्त बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भिक्षावृत्ति से विमुक्त कर शिक्षा की ओर उन्मुख करें।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल राजभवन में लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय स्वयंसेवी संस्था ‘उम्मीद’ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजभवन के इर्द-गिर्द भी यदि इस प्रकार के चौराहे हैं तो उन बच्चों में शिक्षा के प्रति रूचि पैदा कर उन्हें शिक्षित करने का सार्थक प्रयास करें।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को अपनाकर ना सिर्फ उन्हें शिक्षा से जोड़ा जाए, बल्कि उस क्षेत्र को भिक्षामुक्त जोन बनाने का भी प्रयास होना चाहिए। इस कार्य को विश्वविद्यालय अपने बेस्ट प्रैक्टिसेज से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए हमारे दिल में संवेदनशीलता और गरीबों के प्रति प्रेम होना चाहिए। हमें गरीबी मिटाने का प्रयास करना चाहिए। समाज के ऐसे बेघर लोग जिनका कोई घर नहीं है, उनके प्रवास की व्यवस्था करें।
राज्यपाल ने कहा कि भिक्षावृत्ति में संलग्न बच्चों व उनके माता-पिता में एक भरोसा उत्पन्न किया जाना चाहिए कि हम उनके हित में कार्य कर रहे हैं। उन्हें रुचिकर गतिविधियों यथा-विभिन्न जगहों पर भ्रमण कराते हुए ज्ञान अर्जन, के माध्यम से उनमें शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करें। किसी के जीवन में सार्थक बदलाव लाने के लिए उनका उचित मार्गदर्शन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बच्चों में दायित्वबोध भी पैदा करें। उनके अंदर छिपी प्रतिभा को निखारा जाए। इन्हें राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि इन बच्चों व उनके परिजनों में यह विश्वास उत्पन्न करें कि हम उनके साथ हैं तथा उनके हित में कार्य कर रहे हैं।
उम्मीद संस्था के संस्थापक बलबीर सिंह मान ने बताया कि उनकी संस्था बच्चों में भिक्षावृत्ति उन्मूलन व उन्हें शिक्षा की ओर उन्मुखीकरण, बेघर महिलाओं के लिए प्रवास की व्यवस्था जैसे कार्यों में संलग्न है। ऐसे बच्चों को आंगनवाड़ी व प्राथमिक विद्यालयों में दाखिला, कम्प्यूटर शिक्षा, स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्था कर उन्हें शिक्षित करने की दिशा में संस्था कार्य कर रही है।
संस्था के प्रयास से महिलाओं के लिए वृद्धाश्रम भी बनवाए गए हैं। इस संबंध में अब तक 500 बच्चों को भिक्षामुक्त किया गया है। उन्होंने राज्यपाल ने इस दिशा में मार्गदर्शन व सहयोग के लिए उनका आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉक्टर सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा पंकज जॉनी, लखनऊ विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय आदि उपस्थित थे।

