
-किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार : पुलिस आयुक्त
अहमदाबाद, 18 नवंबर । अहमदाबाद के मोटेरा स्थित नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में वर्ल्ड कप क्रिकेट का फाइनल मैच होने में अब कुछ घंटों का फासला बचा है। देश-विदेश के तमाम वीवीआईपी लोगों के यहां पहुंचने के बीच अहमदाबाद पुलिस के समक्ष सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती है। इस मामले में अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जीएस मलिक का कहना है कि गुजरात पुलिस समेत अन्य सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ हम हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार को होने क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल मैच को लेकर पुलिस-प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है। स्टेडियम के अंदर और बाहर तीन लेयर का बंदोबस्त किया गया है। पुलिस ने सभी तरह की एहतियात बरतते हुए नरेन्द्र मोदी स्टेडियम के अंदर ही कंट्रोल रूम भी बनाया है। स्टेडियम के अंदर आरएएफ की टुकड़ी भी तैनात करने की जानकारी पुलिस आयुक्त जीएस मलिक ने दी है। आयुक्त ने बताया कि फाइनल मैच में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स आने वाले हैं। इसके अलावा देश के 8 राज्यों के मुख्यमंत्री अपने परिवार के साथ आ सकते हैं। बॉलीवुड सेलिब्रिटी, उद्योगपतियों समेत विभिन्न क्षेत्र के गण्यमान्य लोग इस मैच को देखने आएंगे। इतने बड़े आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। सुरक्षा व्यवस्था में क्राइम ब्रांच, एटीएस, आरएएफ, एसआरपी समेत अन्य एजेंसियां तैनात रहेंगी।
पुलिस आयुक्त मलिक ने बताया कि शनिवार शाम सुरक्षा को लेकर रिहर्सल किया गया। लोगों से मेट्रो ट्रेन का अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा गया है, ताकि निजी वाहनों के कारण ट्रैफिक की समस्या नहीं हो। आयुक्त ने कहा कि इस मैच के दौरान अभी तक नकली टिकट का मामला सामने नहीं आया है। मैच जीतने के बाद लोगों के रोड शो को लेकर सुरक्षा के बारे में आयुक्त ने बताया कि मैच के बाद रोड शो के लिए पुलिस तैयार है। इसके लिए बाहर से 2 हजार पुलिसकर्मी भी बुलाए गए हैं। आयुक्त के अनुसार आईजी-डीआईजी 4, डीसीपी 23, आरएएफ 1, एनडीआरएफ 2, बम्ब स्क्वॉड 10 समेत कुल 6 हजार पुलिसकर्मी मैच के दौरान तैनात रहेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अलग से सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां चार हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा केमिकल, बॉयोलॉजिकल, न्यूक्लियर वेपन को डिटेक्ट करने की सारी व्यवस्था पुलिस की ओर से की गई है।

