
हाईलाइट्स
• ई-ग्राम केन्द्र जी2सी के तहत 321 से अधिक नागरिक सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं
• बिज़नेस टु सर्विस (बी2सी) पोर्टल द्वारा अब तक 27.75 लाख ट्रांज़ैक्शन्स हुए
• ई-ग्राम के माध्यम से वर्ष 2007 से अब तक 43.32 करोड़ डिजिटल इंटरैक्शन्स
ग्राम कम्प्यूटर उद्यमियों का बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट के रूप में उपयोग करने की व्यापकता बढ़ाए : मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल
-गांधीनगर में ई-ग्राम विश्वग्राम सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी की 11वीं बैठक
-‘ग्राम सचिवालय’ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में सरकार का विशिष्ट क़दम
-ग्रामीण क्षेत्रों में गवर्न्मेंट टु सिटीज़न (जी2सी) तथा बिज़नेस टु सिटीज़न (बी2सी) सेवाओं की व्यापकता बढ़ाने का आयोजन
गांधीनगर/अहमदाबाद, 13 जुलाई । गुजरात के ग्रामीण नागरिकों को घर बैठे अधिक से अधिक सेवाएँ मिले, इसके लिए, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ई-ग्राम केन्द्रों के माध्यम से जी2सी तथा बी2सी सेवाओं की व्यापकता बढ़ाने के आयोजन को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। पटेल ने ग्राम कम्प्यूटर उद्यमियों (वीसीई) का बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट के रूप में उपयोग करने की व्यापकता बढ़ाने का सुझाव दिया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को गांधीनगर में अपनी अध्यक्षता में आयोजित ई-ग्राम विश्वग्राम सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी की 11वीं बैठक में ये निर्देश दिए।
पंचायत राज्य मंत्री बचुभाई खाबड की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में ई-ग्राम विश्वग्राम प्रोजेक्ट को अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श के साथ प्रोजेक्ट के बहु विविधता पूर्ण कामकाज की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ग्रामीण स्तर पर लोगों को सुविधाएँ-सेवाएँ प्रभावशाली ढंग से उपलब्ध कराने के लिए ग्राम सचिवालय की संकल्पना दी थी।
गुजरात में वर्ष 2007 से ई-ग्राम विश्वग्राम सोसाइटी की स्थापना की गई है। सोसाइटी का आशय है कि ग्रामीण विकास में ग्राम पंचायत की पहचान ई-सर्विसेज़ डिलीवरी सेंटर के रूप में स्थापित कर युवाओं को गाँव में ही रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। ई-ग्राम विश्वग्राम प्रोजेक्ट के माध्यम से समग्र राज्य की लगभग 14181 ई-ग्राम पंचायतों द्वारा जी2सी यानी सरकार से नागरिक सेवाओं के अंतर्गत 321 से अधिक सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। डिजिटल सर्विसेज़ का लाभ ग्रामीण स्तर तक पहुँचाने के लिए वर्ष 2019 से डिजिटल गुजरात के अंतर्गत डिजिटल सेवासेतु का प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत अलग-अलग विभागों के विभिन्न सेवाओं से जुड़े 1 करोड़ 7 लाख से अधिक प्रमाणपत्र प्रदान किए गए हैं।
इतना ही नहीं, ई-ग्राम के माध्यम से राजस्व, और किसानों से संबंधित सेवाओं में भूमि संबंधी 7/12 के दस्तावेज़, 8अ प्रमाणपत्र तथा बिजली बिल की रसीद, प्रीपेड गैस बिल की रसीद, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आय सीमा प्रमाणपत्र, गंगा स्वरूपा विधवा पेंशन योजना, व्हाली दीकरी योजना जैसी सेवाओं सहित कुल 42 करोड़ से अधिक डिजिटल इंटरैक्शन्स हुए हैं।
गुजरात के ई-ग्राम केन्द्रों में ऐसी सेवाओं की सुविधा अधिक से अधिक मिले, इसके लिए, राज्य सरकार वीसीई को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में निर्धारित राशि भी प्रदान करती है। इस बैठक में यह भी बताया गया कि केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं में भी ई-ग्राम विश्वग्राम प्रोजेक्ट सहायक साबित हुआ है।
ई-ग्राम केन्द्रों द्वारा लगभग 46 लाख ई-श्रम कार्ड जारी किए गए हैं तथा 29 लाख से अधिक किसानों ने विभिन्न आवेदनों के लिए पीएम किसान पोर्टल का लाभ लिया है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण जनों को ई-ग्राम केन्द्रों द्वारा आयुष्मान कार्ड भी दिए जाते हैं। 4200 से अधिक ई-ग्राम केन्द्र पीएमजेएवाई के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड प्रदान करने के कामकाज से जुड़े हुए हैं और 3500 ई-ग्राम केन्द्र फ़ाइनांशियल कॉरस्पॉण्डेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं। 566 ई-ग्राम केन्द्र आधार कार्ड से जुड़ी सेवाएँ दे रहे हैं।
इस बैठक में बताया गया कि ग्राम सुविधा टैक्स कलेक्शन पोर्टल वर्ष 2020-21 से शुरू किया गया है और 14 हज़ार से अधिक ग्राम पंचायतें आवास कर, जल कर, बिजली एवं सफ़ाई कर जैसे विभिन्न प्रकार के कर, ग्रामीण स्तर पर कलेक्ट करने के लिए इस एप्लिकेशन का उपयोग कर रही हैं। गाँव के लोग अपने करों का ऑनलाइन भुगतान कर सकें; इसकी व्यवस्था करने का कार्य भी प्रगति पर है। इस बैठक में मुख्य सचिव राज कुमार, और राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पंकज जोशी, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव सहित सम्बद्ध विभागों के सचिव भी सहभागी हुए।

