
उज्जैन: अभी तक घरों में 40 प्रतिशत ही लगे स्मार्ट मीटर
उज्जैन, 22 जुलाई । शहर में बिजली उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से मनाही कर रहे हैं। अब तक शहर में 40 प्रतिशत उपभोक्ताओं के घरों पर स्मार्ट मीटर लगे हैं। लोगों की आशंका हैं कि स्मार्ट मीटर से बिजली का बिल ज्यादा आएगा। हालांकि बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लोगों की सुविधा बढ़ाने वाला है। इससे गलत रीडिंग, मीटर तेज चलने, मीटर टेंपरिंग और मनमाने मीटर रीडिंग की शिकायतें खत्म होंगी।
तीन साल पहले शहर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाना शुरू किए थे। उज्जैन प्रदेश का तीसरा जिला है जहां उपभोक्ताओं के घरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा रतलाम और इंदौर में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। बिजली कंपनी के मान से उज्जैन शहर दो जोन पश्चिम और पूर्व में बंटा है। दोनों क्षेत्रों में कुल 1 लाख 44 हजार बिजली उपभोक्ता हैं।
पश्चिम क्षेत्र में 75 हजार उपभोक्ताओं मे से 35 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं। जबकि पूर्व में 69 हजार उपभोक्ताओं में से करीब 27 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाह रहे हैं इस कारण शत प्रतिशत स्मार्ट मीटर नहीं लग पाएं हैं इसके अलावा बारिश में भी काम की गति धीमी हो जाती है। साल 2024 में पूरे शहर में शत प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगा दिए जाएंगे।
जहां लोग नहीं लगवा रहे, वहां पोल पर स्मार्ट मीटर
बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया शहर में हर एक उपभोक्ता के घरो पर पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जाना है। जिन क्षेत्रों में लोग स्मार्ट मीटर नहीं लगवा रहे वहां पोल पर स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। इससे भी कंज्यूमर के घर की बिजली का सीधा संबंध जुड़ जाता है।
असेसमेंट लगाएंगे, बढ़ेगा भार
बिजली कंपनी ने जब शहर में स्मार्ट मीटर लगाना शुरू किए थे तभी यह समस्या सामने आ रही है कि लोग स्मार्ट मीटर लगवाना ही नहीं चाह रहे हैं। बिजली कंपनी ने तय किया है कि जहां लोग स्मार्ट मीटर नहीं लगवा रहे और खराब हो चुके पुराने मीटर हटाने नहीं दे रहे वहां असेसमेंट लगाएंगे मतलब एवरेज बिलिंग की जाएगी।
इस संबंध में ई ई राजेश हारोड के अनुसार 40 प्रतिशत उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। 2024 तक संपूर्ण शहर में पुराने मीटर बदल दिए जाएंगे।

