Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

रांची के राज अस्पताल में आईवीयूएस तकनीक से एंजियोप्लास्टी|

रांची के राज अस्पताल में आईवीयूएस तकनीक से एंजियोप्लास्टी

रांची, 22 जुलाई । राज अस्पताल में आईवीयूएस (इमेजिंग) तकनीक से एंजियोप्लास्टी की गयी। मरीज के हृदय की मुख्य ऑर्टरी में ओरिजिन से ही ब्लॉकेज था, जिससे मरीज को चलने-फिरने में काफी तकलीफ होती थी। मुख्य ऑर्टरी की ब्लॉकेज को हटाने के लिए डॉ. राजेश कुमार झा ने आईवीयूएस (इमेजिंग) तकनीक से स्टेंट का सटीक प्रत्यारोपण किया। इससे मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।

डॉ. राजेश कुमार झा ने बताया कि आईवीयूएस तकनीक के द्वारा न सिर्फ स्टेंट का प्रत्यारोपण सटीक तरीके से होता है, बल्कि प्रत्यारोपण की बाद उसकी पुष्टि भी सही से हो जाती है कि स्टेंट सही से लगा है या नहीं। उन्होंने बताया कि इमेजिंग तकनीक सबसे महत्वपूर्ण एवं नवीनतम तकनीक है, जो कोरोनरी धमनी रोग के निदान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कोरोनरी इमेजिंग के लिए विशेष उपकरण का उपयोग किया जाता है, जिसका उपयोग कर, डॉक्टर एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया को आसान और परफेक्ट बनाते हैं, जिससे रोगी को बेहतर परिणाम मिलता है।

डॉक्टर राजेश ने बताया कि आईवीयूएस तकनीक की मदद से रेस्टेनोसिस (धमनी का फिर से सिकुड़ना) और थ्रोम्बोसिस (रक्त के थक्के) जैसी जटिलताओं का खतरा कम हो जाता है। इससे मरीज को बार-बार अस्पताल में भर्ती होना नहीं पड़ता है। राज अस्पताल के हार्ट सेंटर में अभी तक तीन मरीजों को आईवीयूएस तकनीक से एंजियोप्लास्टी की जा चुकी है।

error: Content is protected !!