
पंजाब पुलिस ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा जांचने को चलाया अभियान
698 पुलिस टीमों ने 16 हजार 118 गुरुद्वारों, 4263 मंदिरों, 1930 चर्चों और 777 मस्जिदों की चेकिंग की
प्रबंधक कमेटियों को सुरक्षा गार्ड तैनात करने और सीसीटीवी लगाने की सलाह
चंडीगढ़, 19 जून । पंजाब पुलिस ने धार्मिक स्थानों पर पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सूबे में गुरुद्वारों, मंदिरों, चर्चों और मस्जिदों में दो दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इसका उद्देश्य धार्मिक संस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों का जायज़ा लेना और यह सुनिश्चित करना था कि इन संस्थाओं में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जो पूरी तरह काम कर रहे हैं।
पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोमवार को बताया कि 28 पुलिस जिलों में धार्मिक स्थलों के परिसरों में शनिवार व रविवार को जांच की गई। स्पेशल डीजीपी लॉ एंड आर्डर अर्पित शुक्ला ने बताया कि पुलिस उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को हिदायत की गई है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में पड़ते सभी धार्मिक स्थलों, जिनमें मंदिर, गुरुद्वारे, चर्चें और मस्जिदें शामिल हैं, का दौरा करने के लिए अपेक्षित संख्या में टीमें तैनात करें।
इसके साथ ही पुजारियों और प्रबंधक कमेटियों के सदस्यों के साथ सुरक्षा समीक्षा मीटिंगें करें। उन्होंने कहा कि राजपत्रित स्तर के अधिकारियों को महत्वपूर्ण धार्मिक समूहों मसलन सत्कार कमेटियों और शिव सेना नेताओं के साथ मीटिंगें करने के लिए भी कहा गया था।
इस दौरान 698 पुलिस टीमों ने धार्मिक स्थलों की चेकिंग की। इनमें 4000 से अधिक पुलिस कर्मचारी शामिल थे। उन्होंने राज्य भर में 16 हजार 118 गुरुद्वारों, 4263 मंदिरों, 1930 चर्चों और 777 मस्जिदों की चेकिंग की।
स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने समूह गुरुद्वारों, मंदिरों, चर्चों और मस्जिदों की प्रबंधक कमेटियों को भी अपील की कि वे अपने-अपने धार्मिक संस्थाओं में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हमेशा चौकस रहें।
उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की साप्ताहिक चेकिंग को सुनिश्चित करने के लिए कहा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वे काम कर रहे हैं या नहीं। उन्होंने प्रबंधक कमेटियों को अपने-अपने धार्मिक स्थानों के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड तैनात करने की सलाह भी दी। उल्लेखनीय है कि जिला पुलिस प्रमुखों को समाज विरोधी तत्वों पर निगरानी बढ़ाने के लिए सभी धार्मिक स्थानों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

