
पंजाब : बाढ़ की चपेट अभी भी 1438 गांव, अब तक 58 की मौत
राज्य में अभी भी 155 राहत शिविरों में 4234 लोग लिए हैं शरण
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 465 रैपिड रिस्पांस टीमें कर रही हैं काम
चंडीगढ़, 19 जुलाई । पंजाब में अब बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है। इसके बावजूद बुधवार को भी प्रदेश के 1438 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हैं। राज्य में कुल 155 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 4234 लोग रह रहे हैं। बाढ़ जनित घटनाओं में अब तक 38 लोगों की मौत हुई है।
सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि राज्य में पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। इसके बावजूद अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। अभी तक 26 हजार 482 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बुधवार सुबह तक 1438 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य में कुल 155 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 4234 लोग रह रहे हैं।
प्रवक्ता के अनुसार तरनतारन, फ़िरोज़पुर, फ़तेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, होशियारपुर, रूपनगर, कपूरथला, पटियाला, मोगा, लुधियाना, एसएएस नगर, जालंधर, संगरूर, एसबीएस नगर, फाजिल्का, गुरदासपुर, मानसा, बठिंडा और पठानकोट समेत 19 ज़िले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण अब तक कुल 38 लोगों की जान गई है और 15 ज़ख़्मी हुए हैं जबकि दो अभी भी लापता हैं।
पशु पालन विभाग से मिली जानकारी अनुसार राज्य में कुल 2331 पशुओं का इलाज किया गया और 7940 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। विभाग की बचाव टीमें जरूरतमंद पशुओं के इलाज, फीड सप्लाई, चारा और सिलेज मुहैया करवाने के लिए दिन- रात काम कर रही हैं। प्रभावित जिलों में बाढ़ राहत कैंप भी लगाए गए हैं।
सेहत विभाग की टीमें पूरी तनदेही के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। प्रवक्ता अनुसार 465 रैपिड रिस्पांस टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। सेहत विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 263 मैडीकल कैंप लगाए हैं। उन्होंने आगे बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार ड्राई फूड के पैकेट बाँटे जा रहे हैं। रूपनगर में 22 हजार 641, पटियाला में 64 हजार और एसएएस नगर में 4400, एसबीएस नगर में 5700 और फ़तेहगढ़ साहिब में 2200 पैकेट बांटे गए हैं।

