
भिवानी, 17 अगस्त । एक तरफ तो भाजपा सरकार अपने आप को पिछड़ा वर्ग हितैषी बताती नहीं थकती, वही दूसरी तरफ क्रीमीलेयर अधिसूचना 2021 के तहत पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के आधार को केवल आर्थिक आधार पर बनाकर पिछड़ा वर्ग के लोगों के हितों पर प्रहार करने का काम कर रही है। यदि पिछड़ा वर्ग का आरक्षण आर्थिक आधार पर हो जाता है तो पहले से ही आर्थिक व सामाजिक पिछड़ेपन की मार झेल रहे पिछड़ा वर्ग के लोग समाज की मुख्य धारा से बहुत पीछे रहे जाएंगे।
यह बात राष्ट्रीय कुम्हार महासभा के प्रवक्ता गणेशीलाल वर्मा ने गुरुवार को पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के बारे में प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई क्रीमीलेयर अधिसूचना 17-11-2021 को रद्द करवाने की मांग को लेकर भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चौ. धर्मबीर सिंह को मांगपत्र सौंपते हुए कही। सांसद की तरफ से उनके पुत्र मांगपत्र लेने पहुंचे।
वर्मा ने कहा कि क्रीमीलेयर अधिसूचना 17-11-2021 के तहत पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के आधार को केवल आर्थिक आधार पर बना दिया, जो कि वर्ष 1992 के उच्चतम न्यायालय के फैसले का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार पिछड़ा वर्ग से द्वेष भाव रखते हुए अपनी मनमर्जी से पिछड़ा वर्ग विरोधी फैसले ले रही है, क्योंकि इस तरह की असंवैधानिक अधिसूचना ना तो केंद्र सरकार में तथा ना ही देश के अन्य किसी राज्य में है। उन्होंने कहा कि यदि यह अधिसूचना लागू हो जाती है तो पिछड़ा वर्ग से संबंद्ध रखने वाले लाखों विद्यार्थी विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रवेश से वंचित होने के साथ सरकारी नौकरियों में भी आरक्षण का अधिकार खो देंगे।
उन्होंने मांगपत्र के माध्यम से मांग की कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से रद्द करें, ताकि पिछड़ा वर्ग के बच्चें आरक्षण के अधिकार वे से वंचित ना रहे। इस अवसर पर राजवीर भाटी, महावीर यादव, नरेश प्रजापति, संजय सिंह, नवीन कुमार, संदीप कुमार, गणेशीलाल वर्मा उपस्थित रहे।

