Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

हड्डी रोगों से बचने के लिए व्यायाम के साथ पौष्टिक आहार का सेवन जरूरी : डॉ. गौरव

गाजियाबाद, 26 नवम्बर। बदलते सामाजिक परिवेश में मनुष्यों में नए-नए बीमारियां हो रही हैं। जिनमें खासतौर पर घुटनों का दर्द, हिप का दर्द, वह हड्डी से संबंधित के ऐसी बीमारी हैं जिसे लोग परेशान हैं और आए दिन चिकित्सकों के चक्कर लगाते रहते हैं।

इसको लेकर फ्लोर्सअस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गौरव गुप्ता ने हिन्दुस्थान समाचार प्रतिनिधि से बातचीत में बताया कि हड्डी संबंधी रोगों से बचने के लिए प्रतिदिन व्यायाम बेहद जरूरी है। इसके बाद पौष्टिक आहार जैसे दूध ओट्स या हाई प्रोटीन भोज्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इससे हम काफी हद तक हड्डी सम्बन्धी रोग से बच सकते हैं और अपना अच्छे से ख्याल रख सकते हैं।

डॉ गौरव गुप्ता का कहना है कि एक जमाना था जब घुटनों या जोड़ों में दर्द की बीमारी ज्यादा उम्र वाले लोगों को होती थी, लेकिन अब यह बीमारी युवा वर्ग में भी होने लगी है। इसका प्रमुख कारण यह है कि युवा पीढ़ी पौष्टिक आहार का इस्तेमाल नहीं करती, बल्कि वह फास्ट फूड में यकीन रखती है जो पूरी तरह से उचित नहीं है।

उन्होंने बताया कि हड्डी संबंधी रोगों से बचने के लिए शरीर में कैल्शियम की मात्रा ठीक होनी चाहिए। साथ ही वजन भी बहुत अधिक नहीं होना चाहिए। इसके लिए दूध एक बेहतर डाइट है दूध का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। साथ ही रिफाइंड या अन्य तेलों के सेवन से बचकर घर में बनाए गए घी, दही,पनीर आदि का सेवन करना चाहिए। इससे हमारे लुब्रिकेंट बेहतर रहते हैं। उनका कहना है कि व्यायाम न करने से लोगों की नसों की स्टीफनेस बढ़ जाती है और वह दर्द महसूस करते हैं। दर्द से बचने के लिए उन्हें प्रतिदिन व्यायाम जरूर करना चाहिए।

error: Content is protected !!