
एनएचएआई ने पंजाब सरकार का प्रस्ताव किया रद्द, कर्मचारियों को देना होगा टोल
चंडीगढ़, 24 जून । नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने पंजाब सरकार को झटका देते हुए कर्मचारियों व अधिकारियों का टोल फ्री करने से इनकार कर दिया है। पंजाब सरकार विधानसभा के विशेष सत्र में भी इस प्रस्ताव को पारित कर चुकी है।
सरकार ने बीते आठ जून को एनएचएआई को भेजे अपने आदेश में कहा था कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एसडीओ, जेई, पटवारी, जिलेदार, डिप्टी कलेक्टर वाटर रिसोर्स जो अपनी ड्यूटी के लिए टोल बैरियर पार करते हैं, उन्हें टोल टैक्स फ्री किया जाए। प्रिंसिपल सेक्रेटरी वाटर रिसोर्स ने इस बारे में हरियाणा के पंचकूला में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के रीजनल ऑफिस को भी पत्र लिखा था। उन्होंने एनएचएआई को लिखा कि बताए गए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों जिनकी कैटेगरी के बारे में सूचित किया गया है, को टोल टैक्स से मुक्त किया जाए।
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी विपनेश शर्मा ने जल स्रोत विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि जल स्रोत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की श्रेणियां नेशनल हाइवे फील रूल 2008 के पहरा 11 में बताए गए व्यक्तियों, अधिकारियों आदि की सूची में नहीं आते हैं। जिसके चलते पंजाब सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकता।
एनएचएआई के पत्र के बाद अब इन अधिकारियों को पंजाब सरकार के टोल पर तो छूट मिलेगी, लेकिन नेशनल हाइवे के टोल पर पैसे देने होंगे।

