Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

नवादा में ठेले पर ढोये जा रहे मरीज ,सरकारी दावे फेल

नवादा में ठेले पर ढोये जा रहे मरीज ,सरकारी दावे फेल

नवादा, 19 । बिहार की नीतीश-तेजस्वी की सरकार स्वास्थ्य विभाग की सुविधाओं में व्यपाक बदलाव का दावा करती है पर नवादा में यह दावा फेल साबित हो रहा है.यहां एक गंभीर मरीज को सोमवार को ठेले के जरिए अस्पताल लाना पड़ा,क्योंकि मरीज के परिजन एंबुलेंस के लिए काफी देर तक टॉल फ्री नंबर पर फोन करते रहे पर वहां से किसी तरह का रिस्पांस नहीं मिला ।जिसके बाद उन्हें गंभीर मरीज को ठेले पर लादकर अस्पताल लाना पड़ा.

ठेले पर अस्पताल पहुंची मरीज का नाम सिरोमनी देवी है,जो शहर की कलाली रोड की निवासी है.उसे तेज बुखार हुआ था ।जिसकी वजह से वह पैदल चलने मे असमर्थ थी.उनके बेटे श्रवण वरनवाल ने एंबुलेंस के लिए टॉल फ्री नंबर पर लगातार फोन किया ,पर वहां से किसी तरह का रिस्पांस नहीं मिला ।तो वे पड़ोसी की मदद से ठेले पर लादकर अपनी मां को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे.वहीं मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें पावापुरी बीम्स रेफर कर दिया.

व्यवस्था में कमी और कर्मियों की लापरवाही को दूर करने के लिए बिहार सरकार के डिप्टी सीएम सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर टारगेट सेट कर रहें हैं.इसके साथ ही वे अस्पतालों का औचक निरीक्षण भी करते रहें हैं ।जिससे अस्पताल की कमियों या वहां के कर्मियों की लापरवाही या मनमानी को जान कर कार्रवाई की जा सके.इसके बावजूद नवादा में एबुलेंस के अभाव में गंभीर मरीज को ठेला पर 2 किलोमीटर तक लादकर अस्पताल लाना कहीं न कहीं स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहा है.

error: Content is protected !!