Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

मराठा आरक्षण के लिए भूख हड़ताल कर रहे मनोज जारंगे की तबीयत बिगड़ी

मुंबई, 06 सितंबर । जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा आरक्षण के लिए भूख हड़ताल कर रहे मनोज जारंगे की बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसी वजह से जिला प्रशासन ने तत्काल मौके पर डॉक्टरों की टीम भेज कर जारंगे का प्राथमिक इलाज करवाया। जारंगे को सलाइन चढ़ाई जा रही है। मनोज जारंगे की भूख हड़ताल का आज नौवां दिन है।

डॉक्टरों की टीम ने मनोज जारंगे को अस्पताल में भर्ती होने की पेशकश की, जिसे जारंगे ने ठुकरा दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक जारंगे के गले में संक्रमण और शरीर में ताकत की कमी के कारण वे ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं। मनोज जारंगे ने मीडिया को बताया कि सरकार ने उनकी जान लेने का फैसला कर लिया है। इसी वजह से कुनबी जाति प्रमाणपत्र के लिए शासन आदेश निकालने में बिलंब कर रही है।

उल्लेखनीय है कि सरकार का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मनोज जारंगे से मिला था और उनसे कुनबी जाति प्रमाणपत्र के लिए शासन आदेश निकालने के लिए एक महीने का वक्त मांगा था। लेकिन मनोज जारंगे ने सरकारी प्रतिनिधिमंडल को सिर्फ चार दिनों का वक्त दिया है। साथ ही मनोज जारंगे ने भूख हड़ताल जारी रखी है। मराठा आरक्षण के बारे में आज हो रही कैबिनेट की बैठक में चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

error: Content is protected !!