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लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट ने आरोपितों को दिया चार्जशीट में दाखिल दस्तावेज के परीक्षण का और समय

नई दिल्ली, 29 नवंबर  । लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपितों को सीबीआई की ओर से चार्जशीट में दाखिल दस्तावेज का परीक्षण करने के लिए समय दे दिया है। स्पेशल जज गीतांजलि गोयल ने मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को करने का आदेश दिया।

आज आरोपितों की ओर से कहा गया कि उन्होंने करीब आधे दस्तावेजों का परीक्षण किया है। चार्जशीट की ई-कॉपी और हार्ड कॉपी में एकरूपता नहीं है। ऐसे में उन्हें दस्तावेजों का परीक्षण करने के लिए 15 दिन से ज्यादा का समय चाहिए। उसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को नियत करते हुए आरोपितों के वकीलों से कहा कि उन्हें आगे और समय नहीं दिया जाएगा।

इस मामले में कोर्ट ने 4 अक्टूबर को बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को जमानत दी थी। कोर्ट ने तेजस्वी यादव को पचास हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। कोर्ट ने 22 सितंबर को सीबीआई की ओर से दाखिल दूसरी चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। 3 जुलाई को सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की थी।

सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भी आरोपित बनाया गया है। सीबीआई इस मामले में लालू यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। कोर्ट ने 15 मार्च को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती को पचास-पचास हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी थी। कोर्ट ने 27 फरवरी को सभी आरोपितों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। सीबीआई ने 7 अक्टूबर 2022 को रेलवे भर्ती घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपितों के खिलाफ दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।

रेलवे भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई ने भोला यादव और हृदयानंद चौधरी को गिरफ्तार किया था। भोला यादव 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे थे। रेलवे भर्ती घोटाला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। भोला यादव को ही इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते नौकरी के बदले जमीन देने के लिए कहा जाता था। नौकरी के बदले जमीन देने के काम को अंजाम देने का काम भोला यादव को सौंपा गया था।

भोला यादव 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में बहादुरपुर सीट से विधायक चुने गए थे। सीबीआई ने मई के तीसरे सप्ताह में इस मामले में लालू यादव के परिजनों से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी।

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