
कानपुर, 01 जुलाई । उत्तराखण्ड के अजमेर सिंह रुपयों के अभाव में घुट-घुटकर मरने को मजबूर हो गये। ऐसे में कानपुर की संस्थाएं आगे आईं और उसको उत्तराखण्ड से लाकर कानपुर में इलाज शुरू कराया, जिससे उनको जीवनदान मिल सका। हालांकि अभी वह एक साल तक कुछ भी कार्य करने में असमर्थ रहेंगे, जिसको देखते हुए संस्थाओं ने मंगलवार को एक लाख रुपये एकत्र किया।
रुद्रपुर जनपद के विलासपुर कोतवाली अर्न्तगत मनयार खेड़ा निवासी 32 वर्षीय अजमेर सिंह ट्रक चालक है। करीब तीन माह पहले उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भीषण सड़क दुर्घटना में पैर टूट गया। वाराणसी से रुपयों के आभाव में पिता नक्षत्र सिंह अस्पताल से घर ले गये जहां पर वह घुट घुटकर मरने को मजबूर हो गये थे। घर की माली हालत इस कदर खराब रही कि मर्हम पट्टी का खर्च पड़ोसी उठा रहे थे और उनकी तबीयत खराब होती चली गई। इसकी जानकारी होने पर कानपुर की सामाजिक संस्था वानर सेना के अध्यक्ष अजित प्रताप सिंह आगे आए और अजमेर सिंह को एंबुलेंस के जरिये कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर डाक्टरों ने आपरेशन कर पैरों पर तीन राड और एक प्लेट डाली, जिससे उसकी तबीयत में सुधार होने लगा, लेकिन अभी वह एक साल तक कोई कार्य नहीं कर सकते।
इसको देखते हुए एक बार फिर सामाजिक संस्थाएं आगे आईं और मंगलवार को मिशन अजमेर सिंह के नाम से लोगों से सहयोग लिया, ताकि उसका आगे इलाज के साथ भरण पोषण भी हो सके। दिव्यांग डेवलपमेंट सोसाइटी की सचिव मनप्रीत कौर ने बताया कि वानर सेना ने 25 हजार, प्रो. आई.एम. रोहतगी ने 11 हजार, सिख वेलफेयर सोसाइटी ने 11 हजार और अन्य संस्थाओं ने सहयोग किया। इस प्रकार आज अजमेर सिंह मिशन में एक लाख रुपये की सहायता मिली है और उम्मीद है कि शहरवासी मिशन में आगे आएंगे ताकि पीड़ित का सहयोग किया जा सके।

