
नई दिल्ली, 28 जुलाई । सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे का ऐलान कर दिया है। 30 जून को समाप्त पहली तिमाही में आईओसी को 13,750 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। ये पिछले एक दशक में सर्वाधिक तिमाही लाभ है।
आईओसी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने 13,750.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में उसे 1,992.53 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने से उसको फायदा हुआ है।
देश की शीर्ष पेट्रोलियम कंपनी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2022-23 की जनवरी-मार्च तिमाही की तुलना में करीब 37 फीसदी ज्यादा है। उस दौरान कंपनी का मुनाफा 10,058.69 करोड़ रुपये रहा था। आईओसी ने बीते वित्त वर्ष में अर्जित लाभ का आधा हिस्सा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्जित कर लिया है। पिछले पूरे वित्त वर्ष में कंपनी ने 24,184 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।
इसके पहले इंडियन ऑयल ने एक तिमाही में सर्वाधिक मुनाफा जनवरी-मार्च, 2013 में कमाया था, जब उसे 14,513 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। इस दौरान इंडियन ऑयल की कर-पूर्व आय 44.5 फीसदी बढ़कर 22,163 करोड़ रुपये हो गई, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में यह 15,340 करोड़ रुपये थी।
कंपनी ने कहा कि एक बैरल कच्चा तेल को ईंधन में तब्दील करने पर 8.34 डॉलर की आमदनी हुई है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 31.81 डॉलर प्रति बैरल था। आईओसी का कच्चे तेल की कीमतों को समायोजित करने के बाद सकल रिफाइनिंग मार्जिन 9.05 डॉलर प्रति बैरल रहा।

