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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने चीन को घेरा, लगाए आतंकवाद पर दोहरा रवैया अपनाने के आरोप

न्यूयॉर्क, 6 सितंबर । संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत ने चीन की जबर्दस्त घेराबंदी की है। भारत ने चीन पर आतंकवाद के मसले पर दोहरा रवैया अपनाने के आरोप लगाए हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि विश्व स्तर पर स्वीकृत आतंकवादियों को बिना कारण बताए काली सूची में डालने के प्रस्तावों को रोकना अनावश्यक है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समितियों की कार्यप्रणाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता को लगातार नुकसान पहुंचा रही है। विश्व स्तर पर स्वीकृत आतंकवादियों के लिए वास्तविक, सबूतों के आधार पर सूची प्रस्तावों को उचित कारण बताए बिना अवरुद्ध करना अनावश्यक है। जब इसमें आतंकवाद की चुनौती से निपटने में परिषद की प्रतिबद्धता की बात आती है तो इसमें दोहरेपन की बू आती है।

रुचिरा कंबोज ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंध समितियों के कामकाज के तरीकों में पारदर्शिता आनी चाहिए। प्रतिबंध लगाने के लिए लिस्टिंग व डीलिस्टिंग में निष्पक्षता पर जोर दिया जाना चाहिए और यह राजनीतिक विचारों पर आधारित नहीं होना चाहिए। कंबोज की टिप्पणी चीन और उसके सदाबहार दोस्त पाकिस्तान का परोक्ष संदर्भ थी।

बीजिंग ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने के भारत और उसके सहयोगियों के प्रयासों पर बार-बार रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आठ बार निर्वाचित सदस्य भारत की सुरक्षा परिषद के कामकाज के तरीकों में सुधार की आवश्यकता के बारे में कुछ प्रमुख चिंताएं हैं। हमें ऐसी सुरक्षा परिषद की आवश्यकता है जो आज संयुक्त राष्ट्र की भौगोलिक और विकासात्मक विविधता को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करे। सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों और अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और एशिया और प्रशांत के विशाल बहुमत सहित गैर-प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों की आवाज भी उठनी चाहिए।

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