Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

हरियाणा पुलिस ने नेफिस सिस्टम से की 11 शवों की पहचान

हरियाणा पुलिस ने नेफिस सिस्टम से की 11 शवों की पहचान

चंडीगढ़, 29 जून (हि.स.)। हर इंसान की शक्ल की तरह उसके फिंगर प्रिंट्स भी अलग-अलग होते हैं। फिंगर प्रिंट्स को इंसान की यूनिक आईडी माना जाता है। पुलिस अब अज्ञात शवों की पहचान उजागर करने का काम भी फिंगर प्रिंट्स की सहायता से कर रही है।

स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने पिछले एक वर्ष में लगभग 11 शवों की पहचान की। इनमें से सात शव प्रदेश के अलग-अलग थानों में दर्ज आपराधिक प्रवृति के व्यक्तियों की हैं और अन्य चार शव अन्य राज्यों से संबंधित हैं। नेफिस सिस्टम में हर उस आपराधिक प्रवृति के व्यक्ति का डेटा उपलब्ध है जो किसी न किसी अपराध में या तो गिरफ्तार हुए है या फिर मामला दर्ज किया गया है।

स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के निदेशक आईपीएस ओपी सिंह ने गुरुवार को बताया कि वर्ष 2022- 23 में ब्यूरो ने तकऱीबन 31 हजार 451 विभिन्न गिरफ्तार, सज़ायाफ्ता अपराधियों और लावारिस डेड बॉडीज और मौकाए वारदात से उठाए गए फिंगर प्रिंट्स डेटाबेस में अपलोड किए गए हैं।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार ब्यूरो को फरीदाबाद, जींद, करनाल, सोनीपत, सिरसा, अम्बाला आदि जिलों से विभिन अज्ञात शव प्राप्त हुए थे जिनकी पहचान करने में समस्या आ रही थी। सभी शवों के फिंगर प्रिंट स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो, हरियाणा को अवलोकन करने के लिए भेजे गए। जिनपर कार्रवाई करते हुए सभी प्रिंट्स को नेफिस के सिस्टम से मैच किया गया तो तकऱीबन 11 शवों कि पहचान करने में सफलता हासिल की है।

एससीआरबी में वर्ष 2022 और वर्ष 2023 में मई माह तक विभिन्न केसों में 87 डाक्यूमेंट्स प्राप्त हुए थे। कई केसों में महत्वपूर्ण कागज़ातों की प्रमाणिकता की जांच की जाती है। ब्यूरो ने सभी कागज़ात का परीक्षण कर उनकी रिपोर्ट बनाकर जिला पुलिस को आगामी कार्रवाई के लिए सौंप दिया है। इसके अतिरिक्त स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के फोटो सेक्शन में वर्ष 2022 में 185 केसों में और 2023 मई माह में 173 केसों में विभिन्न फोटोज विश्लेषण के लिए प्राप्त हुए हैं।

error: Content is protected !!