
हरिद्वार, 14 अगस्त । पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से सोमवार को हरिद्वार में गंगा खतरे का निशान पार कर गयी, जिससे शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात हो गए। बैरागी कैंप स्थित घोड़ा पुलिस लाइन व लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। घोड़ा पुलिस लाइन में पानी भरने से घोड़ों को नजदीक ही एक आश्रम में भिजवाया गया। घोड़ा पुलिस लाइन में रह रहे परिवारों को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
पुलिस ने एनाउंसमेंट कर लोगों को बाढ़ का पानी आने की सूचना देते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा। एसडीआरफ और जल पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने निचले स्थानों और नदियों के किनारे बसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। कांगड़ी गांव में नदी का जलस्तर बढ़ने और तटबंधों की सुरक्षा के लिए लगाए गए वायरक्रेट बहने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। रोड़ी बेलवाला चौकी क्षेत्र में नीलधारा के किनारे बसे लालजीवाला, कबाड़ी बस्ती तथा दीनदयाल पार्किंग में पानी आने से कई गाड़ियां डूब गयी। पुलिस ने पार्किंग से लोगों तथा वाहनों को हटाने के साथ सुरक्षित स्थानों पर भेजा। बंगाली बस्ती, कुष्ठ आश्रम को भी खाली करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। गंगा तट के आसपास के घाटों को भी खाली कराया गया।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शहर से लेकर देहात तक पुलिस अलर्ट मोड पर है। बाढ़ में फंसे लोगों को लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर यूपी सिंचाई विभाग ने उत्तरी गंग नहर को बंद कर दिया और भीमगोड़ा बैराज के सभी गेट खोलकर पानी को पूर्वी गंगा नहर में छोड़ दिया। रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से अफरातफरी मच गयी। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए एनांसउमेंट कर लोगों को जानकारी देने के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

