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पंजाब के राज्यपाल ने मान सरकार के विशेष विधानसभा सत्र को बताया असंवैधानिक

पंजाब के राज्यपाल ने मान सरकार के विशेष विधानसभा सत्र को बताया असंवैधानिक

– राज्यपाल ने विधानसभा में पास बिलों को नहीं दी मंजूरी

चंडीगढ़, 17 जुलाई  । पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पंजाब सरकार के हाल ही में बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने सोमवार को इस बारे में मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा है। राज्यपाल ने कहा है कि वह इस संबंध में अटार्नी जरनल की राय ले रहे हैं, उसके बाद ही कोई फैसला किया जाएगा।

पंजाब सरकार ने बीती 19 जून को दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर चार बिल पास किए थे। पंजाब सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र में आरडीएफ के 3622.40 करोड़ का फंड रिलीज न करने पर केंद्र के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया था। पंजाब सरकार ने इस सत्र के दौरान सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 संशोधन बिल भी पास किया था। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में कुलपति लगाने के अधिकार मुख्यमंत्री को देने वाले तथा पंजाब पुलिस एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव भी विधानसभा में पारित किया गया।

पंजाब सरकार ने यह चारों बिल मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजे थे। दो दिन पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 को जल्द हस्ताक्षर करने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री के इस पत्र का सोमवार को जवाब देते हुए राज्यपाल पुरोहित ने 19-20 जून को बुलाए गए विशेष सत्र को असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने इन दो दिनों में पास किए गए बिलों को कानून का उल्लंघन बताया है। राज्यपाल ने सीएम को जवाब दिया है कि 19-20 को बुलाया गया विशेष सत्र कानून के तहत नहीं था। इसमें पास किए गए चारों बिल कानून का उल्लंघन है। गवर्नर ने कहा कि वह इस बारे में देश के अटॉर्नी जनरल की राय लेंगे। इसके बाद ही वह पास किए गए बिलों पर फैसला लेंगे।

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