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पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए शुरू किया जाए ड्रोन पंजीकरण

पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए शुरू किया जाए ड्रोन पंजीकरण

– गृह मंत्री को बताईं राज्य सरकार की प्राथमिकताएं

– ओट क्लीनिकों की संख्या बढ़ाकर 528 की, जेलों में भी बने 16 ओट क्लीनिक

चंडीगढ़, 17 जुलाई । मादक पदार्थों की तस्करी के खि़लाफ़ जंग में राज्य सरकार की तरफ से पुरज़ोर कोशिशों के सम्बन्ध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस खतरे से निपटने के लिए मौजूदा कानूनों में सख़्त प्रावधान जोड़ने की वकालत की।

केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को हुई ‘‘नशा तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा’’ संबंधी हुई वर्चुअल बैठक में हिस्सा लेते हुए भगवंत मान ने कहा कि पंजाब पहला राज्य है, जिसने नशा सप्लाई चेन तोड़ने, नशा तस्करी और तस्करों की गिरफ़्तारी के लिए कानून को प्रभावशाली तरीके से लागू करने के लिए विशेष टास्क फोर्स और एसटीएफ थानों का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए त्रिआयामी रणनीति लागू की है, जिसमें कानून लागू करने, नशा मुक्ति और मादक पदार्थों की रोकथाम ( ईडीपी) शामिल है। उन्होंने कहा कि ईडीपी में नशा तस्करी के विरुद्ध कानून लागू करना, नशेड़ियों को नशा मुक्त करना और विद्यार्थियों, नौजवानों और आम लोगों को नशे की लत से बचाना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हर ज़िले में एंटी-नारकोटिक्स सेल कायम किये गए हैं और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जल्दी सुनवाई के लिए हरेक ज़िले में विशेष अदालतें बनाईं गई हैं। इसी तरह एसएएस नगर में एक फोरेंसिक साईंस लैबाेरेटरी और लुधियाना, बठिंडा और अमृतसर में इनकी जांच के लिए तीन क्षेत्रीय एफएसएल स्थापित की गई हैं। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के लिए दो हज़ार वर्ग गज़ का प्लाट अलाट किया है और रीजनल दफ़्तर, ज़ोनल रेजिडेंशियल और नार्को फोरेंसिक साईंस लैबाेरेटरी के निर्माण के लिए अमृतसर में 2.5 एकड़ ज़मीन जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी पाकिस्तान, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और जम्मू- कश्मीर से होती है। उन्होंने मांग की कि ड्रोनों के रजिस्ट्रेशन को लाज़िमी किया जाना चाहिए क्योंकि ड्रोनों का प्रयोग हथियार/हेरोइन/विस्फोटक सामग्री की सरहद पार से तस्करी करने के लिए होती है, जो चिंता का विषय है। भगवंत मान ने कहा कि ड्रोनों से मादक पदार्थों की सप्लाई रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और 2019 के बाद अब तक 491 ड्रोन देखे गये हैं और 51 ड्रोन बरामद किये गए हैं।

मादक पदार्थों के खतरे पर प्रभावशाली तरीके से काबू पाने के लिए सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के साथ लगती पंजाब की समूची अंतरराष्ट्रीय सरहद पर ड्रोन विरोधी टेक्नोलॉजी/जैमर लगाने की माँग की, जिससे मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इसी तरह अत्याधुनिक क्षेत्रीय ड्रोन फोरेंसिक लैब पंजाब ख़ास तौर पर अमृतसर में स्थापित की जाये जिससे ड्रोन उड़ने और पहुंचने वाली जगह और इनके रूट मैप का पता लग सके। भगवंत मान ने कस्टम डेटाबेस तक पहुंच की मांग की, जिससे अन्य मुल्कों से आने वाले संदिग्ध कंटेनरों की नशा तस्करी वाले पक्ष से जांच की जा सके।

मुख्यमंत्री ने हेरोइन की व्यापारिक मात्रा को मौजूदा 250 ग्राम से घटा कर 25 ग्राम करने पर भी ज़ोर दिया, जिससे निचले स्तर पर ही तस्करी को रोका जा सके। उन्होंने आगे कहा कि हेड कांस्टेबल को सक्षम बनाते हुए छोटी मात्रा की परिभाषा और नारकोटिक ड्रग एंड साईकोट्रोपिक सबस्टैंस एक्ट की धारा- 27 के अधीन आने वाले मामलों के सम्बन्ध में निर्धारित ड्यूटियों निभाने के लिए शक्तियां दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 मई, 2023 तक ड्रोनों द्वारा होती तस्करी को रोकने की कोशिशों के दौरान तकरीबन एक हज़ार किलो हेरोइन के साथ-साथ 56 हथगोले, 126 पिस्तौलें/ रिवाल्वर, 11 ए. के.-47 और अन्य राइफलें, 9.5 किलो आरडीएक्स. बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कार्यभार संभालने के बाद ही मादक पदार्थों के साथ कतई लिहाज़ न बरतने की नीति अपनाई है और पहली अप्रैल 2022 से 13 जुलाई, 2023 तक एनडीपीएस एक्ट के अधीन 16,554 केस दर्ज किये गए हैं और 22,349 तस्कर गिरफ़्तार किये गए हैं। भगवंत मान ने आगे कहा कि राज्य में ओट क्लीनिकों की संख्या बड़ा कर 528 कर दी गई है, जिनमें जेलों में खोले गए 16 क्लीनिक भी शामिल हैं, जो जमीनी स्तर पर नशेड़ियों को नशा छुड़ाओ सेवाएं प्रदान करते हैं।

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