
नगालैंड के स्थानीय निकाय में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू न करने पर ‘सुप्रीम’ फटकार
नई दिल्ली, 25 जुलाई । सुप्रीम कोर्ट ने नगालैंड के स्थानीय निकाय में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण लागू न होने पर राज्य सरकार को फटकार लगाई है। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि राज्य की विशेष स्थिति का हवाला देकर केंद्रीय प्रावधान को लागू करने से नहीं बचा जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।
कोर्ट ने अंतिम मौका देते हुए कहा कि केंद्र को भी देखना चाहिए कि वहां पूरे देश जैसी व्यवस्था लागू हो सके। नगालैंड राज्य की महिलाओं ने जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति की है, वहां उनके लिए आरक्षण लागू होना चाहिए। नगालैंड की विशेष स्थिति को देखते हुए हम इतना ही कह सकते हैं कि वहां के पर्सनल लॉ से छेड़छाड़ नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर का भी जिक्र किया। कोर्ट ने कहा कि नागा आबादी का एक हिस्सा मणिपुर में भी रहता है। नगालैंड की स्थिति फिलहाल मणिपुर से अच्छी है।

