
पलामू, 29 जुलाई । इमाम-ए-हुसैन की कुर्बानी की याद में मुहर्रम के पहलाम का जुलूस शनिवार को निकला। डालटनगंज शहरी क्षेत्र में अपने-अपने क्षेत्र से विभिन्न कमिटियां ताजिया के साथ जुलूस में शामिल हुई। जुलूस में शामिल हर हुसैनी इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद..कर्बला की अजमत को लाखों सलाम., नाना के लाडले को लाखो सलाम आदि नारे लगाते हुए जोरों से लोग नारे तकबीर, अल्लाह हो अकबर का नारा बुलंद करते रहे। इस क्रम में हुसैनियों ने ‘या हुसैन या अली’ के नारे लगाए, जिससे शहर गूंजता रहा।
मोहर्रम के इस मातमी जुलूस के दौरान अखाड़ों में लाठी व तलवारों से हैरतअंगेज करतब भी दिखाए गए। करतब देख लोग हैरत में थे। इस दौरान एक से बढ़कर एक बनाए गए ताजिया आकर्षण का केन्द्र बनी रही। इसे देखने लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बड़े, बूढे और बच्चे सभी जुलूस में शामिल थे। कोयल नदी में शहरी क्षेत्र के साथ चैनपुर के अलावा अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के ताजिया का मिलन हुआ।
मुहर्रम का जुलूस अलम के साथ पहाड़ी मुहल्ला स्थित कर्बला से शुरू हुआ। शाह मुहल्ला, कन्नी राम चौक, सत्तार सेठ चौक, विष्णु मंदिर, दाल पट्टी, घड़ा पट्टी, जैन मुदिर रोड़, पंच मुहान होते हुए थाना परिसर पहुंचा। मुहर्रम इंतेजामियां कमिटी के जेनरल खलीफा सैयद शाहरेयार अली जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे।

