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दिल्ली सरकार राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर श्वेत पत्र जारी करे: सचदेवा

नई दिल्ली, 24 नवंबर  । दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है। शुक्रवार को दिल्ली धुएं की चादर में लिपटी नजर आई। इस दौरान दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 350 से 450 के बीच दर्ज किया गया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल सरकार से राजधानी में प्रदूषण की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

सचदेवा ने आज यहां एक बयान में आरोप लगाया कि पंजाब में जलाई जा रही पराली के कारण दिल्ली में प्रदूषण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को बढ़ते प्रदूषण के कारण चिकित्सीय दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल अब तक उत्तर भारतीय राज्यों से रिपोर्ट किए गए कुल 52,000 मामलों में से अकेले पंजाब से 36,000 से अधिक खेत में आग लगने के मामले सामने आए हैं। इसके बावजूद अरविंद केजरीवाल दिल्लीवासियों को यह बताने की कोशिश कर रही है कि पंजाब में खेतों में पराली जलाने की संख्या कम हो गई है। अगर ऐसा है तो फिर दिल्ली में एक्यूआई में गिरावट क्यों नहीं हो रही है। सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार की लापरवाही के कारण पंजाब के खेतों की आग दिल्ली और उत्तर भारत में प्रदूषण का सबसे बड़ा सबब बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि जहां हरियाणा सरकार ने प्रोत्साहन राशि देकर पराली जलाने की घटनाएं नगण्य कर दीं वहीं पंजाब सरकार ने अपने किसानों को ना कोई प्रोत्साहन राशि दी ना ही तकनीक उपलब्ध कराई। उसका परिणाम है कि 36,000 से अधिक पराली जलने की घटनाएं दर्ज की गईं। दिवाली के आसपास केजरीवाल सरकार ने पटाखे जलाने पर दोष मढ़ने की कोशिश की लेकिन पिछले 11 दिनों से कोई पटाखा नहीं जलाया गया है। निर्माण गतिविधियां भी न्यूनतम स्तर पर हैं। वीरेंद्र सचदेवा ने मांग की कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली में प्रदूषण पर श्वेत पत्र लाना चाहिए और प्रदूषण की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।

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