
आर्थिक आधार पर हो आरक्षण : तंवर
कुल्लू, 02 जुलाई । भारतीय क्षत्रिय महासभा का गठन 126 साल पहले हुआ है और इसकी स्थापना महाराजा बलवंत सिंह आवागढ़ बाले ने की है। इस महासभा का उद्देश्य मानवता का हित है और देश की एकता व अखंडता बनाए रखना है। यह बात अखिल अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने यहां कुल्लू के सहकार भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि यह महासभा पूरे देश में सबसे पुरानी महासभा है और इसका गठन 19 अक्तूबर 1897 में हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आरक्षण जातिगत आधार पर नहीं होना चाहिए बल्कि आर्थिक आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए लंबे अरसे से महासभा ने आंदोलन छेड़ रखा है और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक यह आंदोलन चला हुआ है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में कन्याकुमारी से कश्मीर तक आर्थिक आरक्षण के लिए तीन रथयात्रा करवाई। उन्होंने सरकार से मांग की है कि आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महान पुरुष किसी जाति के नहीं होते इसलिए महापुरुषों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से इसकी मांग की गई है कि महापुरुषों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ बंद की जाए। उन्होंने कहा कि सभा का उद्देश्य समाजिक समरसता है।
उन्होंने कहा कि जाति व धर्म के नाम पर जो जहर खोला जा रहा है वह ठीक नहीं है। जाती व धर्म के नाम पर नफरत फैलाई जा रही है वह देश के लिए खतरा है और हम प्रयास कर कि देश में सामाजिक समरसता का माहौल हो।

