
दुष्कर्म आरोपी को 10 साल की कैद, 21 हज़ार अर्थदण्ड
– दुर्गा पूजा की मिट्टी लेने गई किशोरी ने दुष्कर्म था मामला
– साल 2015 में कौशांबी थाना पुलिस ने दर्ज किया गया था मुकदमा
कौशांबी, 20 जून । जनपद न्यायालय के अपर जिला जज (सप्तम) उत्कर्ष यादव ने किशोरी से दुष्कर्म मामले में आरोपी युवक को दोषी पाए जाने पर 10 साल की कैद और 21 हज़ार रुपये के अर्थदण्ड की सज़ा सुनाई है। वारदात कौशांबी थाना क्षेत्र के एक गांव में साल 2015 को सामने आई थी। जिसमें किशोरी के मामा ने युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था।
कौशांबी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी अक्टूबर 2015 को दुर्गा पूजा की तैयारियों में व्यस्त थी। पूजा के लिए वह घर से तालाब किनारे मिट्टी लाने की बात कह कर निकली। गांव के बाहर का युवक बृजेश ने उसको पकड़ लिया। बृजेश ने किशोरी से जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़ित किशोरी ने यह घटना घर वालों को बताई। पीड़ित के मामा ने थाना पुलिस को तहरीर देकर कानूनी कार्यवाही की मांग की। थाना पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी बृजेश के खिलाफ पॉक्सो सहित रेप व धमकी देने की धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू की। जांच के उपरांत पुलिस ने बृजेश के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर कड़ी सज़ा दिए जाने की अपील की।
किशोरी के दुष्कर्म का मामला एडीजे उत्कर्ष यादव की अदालत में चला। एडीजीसी शशांक खरे से मंगलवार को बताया कि मुक़दमे में अदालत के समक्ष कुल छह गवाह परीक्षित कराये गए। गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन कर अदालत ने बृजेश को दोष सिद्ध पाया। कोर्ट ने मुल्जिम बृजेश को 10 साल के कठोर कारावास एवं 21 हज़ार रुपये के अर्थदण्ड की सज़ा सुनाई है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि यदि अर्थदण्ड की रकम नहीं जमा की गई तो मुल्जिम को तीन महीने की सज़ा अतिरिक्त भुगतना होगा।

