
सरकार ने बनाई धान अवशेष जलाने के मामले शून्य पर लाने की योजना
किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि, पंचायतों को मिलेंगे प्रशंसा पत्र
हर जिले की कार्ययोजना बनेंगी, अधिकारी करेंगे गांवों का दौरा
हिसार, 23 जून । हरियाणा सरकार धान के अवशेष जलाने के मामलों को शून्य करने की योजना बना रही है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, किसान यूनियनों व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का सहयोग लिया जाएगा और पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
योजना के तहत समय-समय पर अधिकारी गांवों का दौरा करके किसानों को जानकारी देंगे ताकि यह फलीभूत हो सके।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार धान अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण के प्रति सरकार गंभीर है। सरकार पिछले कई वर्षों से धान अवशेष न जलाने की अपील कर रही है और सरकार की अपील की असर भी पड़ा है कि ऐसे मामलों में कमी भी आई है। सकारात्मक रिपोर्ट को देखते हुए सरकार ने अब धान के अवशेषों को जलाने के मामले शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
बताया जा रहा है कि सरकार एवं कृषि विभाग की इस योजना को सिरे चढ़ाने की दिशा में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के चेयरपर्सन डॉ. एमएम कुट्टी एवं राज्य के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से उपायुक्तों व कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं।
बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा वर्ष 2023 के दौरान धान के अवशेषों को जलाने के मामलों को शून्य करने के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए हर जिले में कार्य योजना बनाई जाएगी। योजना के तहत इन-सीटू और एक्स-सीटू माध्यमों से पराली का प्रबंधन करने वाले किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।
योजना को सिरे चढ़ाने के लिए अवशेषों को डीकम्पोज करने वाली किट का प्रत्येक गांव में वितरण किया जाएगा वहीं रैड व येलो जोन के गांवों में विशेष ध्यान दिया जाए।
कृषि यंत्रों की खरीद पर मिल रही सबसिडी
सरकार द्वारा धान के अवशेष प्रबंधन के लिए विभिन्न प्रकार के यंत्रों की खरीद पर सबसिडी प्रदान की जाती है। अवशेष प्रबंधन के यंत्रों की खरीद पर एकल किसान को 50 प्रतिशत व कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से यंत्रों की खरीद पर 80 प्रतिशत या अधिकतम 12 लाख रुपये प्रति कस्टम हायरिंग सेंटर पर अनुदान दिया जाता है।
पिछली बार सामने आए 115 मामले
जिले के उपायुक्त उत्तम सिंह का कहना है कि पिछले वर्ष धान अवशेषों के जलाने के कुल 115 मामले सामने आए थे। अबकी बार सरकार का लक्ष्य इन मामलों को शून्य पर लाना है। इसके लिए प्रत्येक 15 दिन में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवशेषों को जलाने के मामलों को समाप्त करने के लिए ग्राम पंचायतों, किसान यूनियनों सहित विभिन्न संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
25 गांवों में चलेगी विशेष गतिविधियां
जिले के रेड व येलो जोन के 25 विभिन्न गांवों में संबंधित विभागों के अधिकारियों की ओर से सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियां चलाई जाएगी।
एडीसी करवाएंगे प्रस्ताव पास
उपायुक्त उत्तम सिंह ने अतिरिक्त उपायुक्त नीरज को निर्देश दिए हैं कि उपमंडल अधिकारियों द्वारा संबंधित गांवों में समय-समय पर दौरा किया जाए तथा ग्राम पंचायत के माध्यम से लोगों को धान अवशेष न जलाने के बारे में प्रस्ताव पारित करवाना सुनिश्चित करवाएं। इसके साथ ही पराली स्टोरेज के लिए गांव में जगह चिन्हित की जाए।

