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वाराणसी: ताजिया का जुलूस निकालने के विवाद में शिया-सुन्नी आमने सामने, जमकर हुआ पथराव

वाराणसी, 29 जुलाई । दसवीं मोहर्रम (यौमे आशूरा) पर शनिवार को ताजिया का जुलूस निकालने के दौरान जैतपुरा थाना क्षेत्र के दोषीपुरा में शिया और सुन्नी समुदाय के युवा अचानक आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते उग्र नारेबाजी के साथ पथराव से वहां अफरा-तफरी मच गई। उपद्रवियों के पथराव की वजह से दर्जनों मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों के साथ पुलिस के वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। पथराव में दर्जनों लोग घायल हो गए। सूचना पाकर पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी एस. राजलिंगम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। फोर्स ने उपद्रव कर रहे युवकों को दौड़ा-दौड़ाकर गलियों में खदेड़ा। पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी खुद मौके पर स्थिति सामान्य होने तक डटे रहे। सुरक्षा की घेरेबंदी के बीच ताजियों को इमामबाड़े में ठंडा करने के लिए भेजा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अति संवदेनशील क्षेत्र दोषीपुरा में अपरान्ह में ताजिया का जुलूस निकल रहा था। इसी दौरान शिया और सुन्नी वर्ग के कुछ युवकों में विवाद हो गया। दोनों पक्ष नारेबाजी करते हुए एक दूसरे पर पथराव करने लगे। यह देख मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उपद्रवी युवकों ने पुलिस बल और उनके वाहनों पर भी पथराव शुरू कर दिया। बवाल की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर मुथा अशोक जैन पुलिस अफसरों और कई थानों की पुलिस फोर्स, एआरएफ और पीएसी जवानों को लेकर वहां पहुंच गए। अफसरों के सामने ही उपद्रवी पथराव कर रहे थे। यह देख पुलिस अफसरों ने जवानों के साथ मिलकर लाठियां भाजते हुए उन्हें खदेड़ा तो दोनों पक्ष पुलिस बल पर ही भड़क गए। भीड़ के उग्र तेवर देख फोर्स ने उपद्रवियों को गलियों में दौड़ाकर खदेड़ स्थिति पर नियंत्रण किया। इसके बाद पथराव में घायल लोगों को इलाज के लिए पुलिस अफसरों ने कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय और अन्य अस्पतालों में भेजा।

इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों को बुलाकर अफसरों ने बातचीत कर माहौल को शांत कराया। मारपीट के दौरान दोनों समुदाय की कुछ ताजिया भी क्षतिग्रस्त हो गईं। अपने ताजिये को क्षतिग्रस्त देखकर शिया समुदाय ने इमामबाड़े में ठंडा करने से मना कर दिया। इस पर जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर ने बातचीत कर शिया समुदाय से ताजिया उठाने की बात कही। मौके पर तनाव देख वहां भारी पुलिस फोर्स ने गश्त शुरू कर दिया।

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