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भारत को फिर विश्वगुरु के स्थान पर कर सकते हैं स्थापितः स्वामी राजीव लोचन दास

सागर, 20 अगस्त । स्नेह यात्रा का रविवार को बण्डा विकासखंड के ग्राम पिपरिया चउदा से शुभारंभ किया गया। यात्रा के दौरान स्वामी राजीव लोचन दास महाराज का स्वागत वंदन किया गया। इसके बाद यात्रा प्रहलादपुरा, नेनधरा, कंदवा, लरेठी पहुंची, जहां महिलाओं ने ढोल मजीरा के साथ स्वागत किया तथा भजन कीर्तन किया। इसके बाद यात्रा दोपहर के बाद चौका, चीलपहाडी, पटौआ, मंजला होती हुई भड़राना पहुंची। जहां पर सह भोज एवं सत्संग का आयोजन एवं ग्रामीण जनों द्वारा भजन मंडलियों द्वारा फूल मालाओं के साथ स्वागत किया महिलाओं ने कलस व दीपो द्वारा स्वागत किया।

प्रदेश के सभी 52 जिलों में सामाजिक सद्भाव और समरसता के उद्देश्य से स्नेह यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक जीवन में भेद भाव भुलाकर एकता की भावना के सम्प्रेषण और सकारात्मक और सार्थक वातावरण निर्माण के उद्वेश्य से 26 अगस्त तक प्रदेश के समस्त 52 जिलों में स्नेह यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा प्रत्येक जिले में 11 दिन चलेगी। प्रत्येक जिले में स्नेह यात्रा का नेतृत्व एक प्रतिष्ठित संत कर रहे हैं। सागर जिले में यात्रा का नेतृत्व स्वामी राजीव लोचन दास महाराज के द्वारा किया जा रहा यात्रा प्रतिदिन विविध सेवा बस्तियों में प्रवास कर समरसता का संदेश दे रही है। संत वंचित वर्गो में घर-घर जाकर समाज को एकता के सूत्र में जोड रही है। संत परम्परा की अनुभूति के लिये परम्परागत कलावा बंधन, सामूहिक संकीर्तन, प्रवचन, और भजन मंण्डलियों की प्रस्तुतियों से गांव-गांव वातावरण श्रद्धा और आस्था से परिपूर्ण हो रहा है।

इसी तारतम्य में आज बण्डा के लरेठी ग्राम में आयोजित संवाद के दौरान स्वामी जी ने कहा कि मानव मानव एक है और हम सब साथ रहकर राष्ट्र को आगे बढ़ाते हुए यह संकल्प लें कि घर में परिवार के साथ एवं समाज में सबके साथ भोजन और भजन करेंगे तो समाज में और परिवार में समरसता का भाव आएगा एवं स्नेह बढ़ेगा और हमारा देश एक मजबूत रिश्तो में जुड़ता जाएगा।

ग्राम भड़राना में उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि समाज में हम साथ रहकर जाति-पाति के भेद को मिटाकर साथ रहे तो हम बढ़ते हुए फिर भारत को विश्वगुरु के स्थान पर स्थापित कर सकते हैं। यह समरसता यात्रा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयोजन में प्रदेश की सभी महत्वपूर्ण आध्यात्मिक सांस्कृतिक संस्थाएं और संगठन की सहभागिता से निकाली जा रही है जिनमें पंतजली परिवार, रामचन्द्र मिशन परिवार, अखिल विश्व गायत्री परिवार, आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और योग आयोग प्रमुख हैं। यात्रा का आयोजन दो भागों में हो रहा है प्रातः कालीन यात्रा में पूज्य संतगणों के नेतृत्व में यात्रा वंचित वर्गो की बस्तियों में संवाद करने के उद्वेश्य से पहॅूच रही है। जहां उन्हें स्थानीय लोगो की अपार आत्मीयता और स्नेह मिल रहा है। यात्रा के द्वितीय चरण में भी यहीं क्रम निरंतर चल रहा हैं।

स्नेह यात्रा का विशेष आकर्षण यात्रा समापन के अवसर पर आयोजित सतसंग और सहभोज है। जिसमें स्थानीय जन जाति-पॉति का भेद-भाव भुलाकर एक थाल-एक ख्याल की भावना से खिचडी का प्रसाद प्राप्त करते है। सही मायनों में प्रसाद के रूप में खिचडी सभी जाति-वर्गो के एकाकार हो जाने की ही भावनात्मक अभिव्यक्ति है।

यात्रा के दौरान विभिन्न बस्तियों से गुजर कर अंत में दोपहर और रात में पूज्य संत के सानिध्य में प्रवचन, और संकीर्तन का आयोजन हो रहा है। जिसमें बडी संख्या में वंचित वर्गो का प्रतिनिध्तव हो रहा है। आज सागर जिले के विकासखंड बण्डा में 10 ग्रामों में आयोजित यात्राओं में 8 जन संवाद के कार्यक्रम आयोजित किये गये। जिनमें लगभग 2600 से अधिक लोगों ने सहभागिता की।

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