
नई दिल्ली, 01 सितम्बर । सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं और उनके एजेंटों पर कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं को उपहार खरीदने के लिए फर्जी बार कोड छपे प्लास्टिक कार्ड बांटने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस मामले में हम अभी क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपके मुताबिक चुनाव में पैसा बांटा गया तो क्या आप चाहते हैं कि अब हम वहां जाकर मामले की जांच करें।
कोर्ट ने कहा कि इस विषय को लेकर पहले ही पर्याप्त कानून हैं और इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कोर्ट ने दो याचिकाकर्ताओं से कहा कि आप इस मामले को हाई कोर्ट में भी उठा सकते हैं। कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हारे हुए बीजेपी के दो नेताओं गौतम गौड़ा एम और प्रसाद के आर को कर्नाटक हाई कोर्ट जाने की अनुमति दे दी।
दरअसल, दो बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने याचिका दाखिल कर कहा था कि कांग्रेस ने झूठे वादे के साथ प्लास्टिक उपहार कार्ड वितरित किए थे। उपहार देते हुए कहा गया था कि अगर कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव जीतता है, तो मतदाता उस कार्ड पर छपे बार कोड को स्कैन कर एक निश्चित राशि प्राप्त कर सकते हैं।

