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बुंदेलखंड में नागपंचमी पर्व मनाने की तैयारी शुरू

हमीरपुर, 20 अगस्त । हमीरपुर समेत समूचे बुन्देलखंड क्षेत्र में नागपंचमी पर्व मनाए जाने की तैयारी यहां अब पूरी हो गई है। ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर बने नाग देवता के प्राचीन मंदिरों में सोमवार को नागपंचमी की धूम मचेगी। खास बात तो यह है कि नाग देवता के इन मंदिरों में काल सर्प दोष से लोगों को निजात भी मिलेगी।

बुन्देलखंड के हमीरपुर जिले के कुरारा क्षेत्र के टोडरपुर गांव में कई दशक पहले नाग देवता के मंदिर का निर्माण कराया गया था। गांव के ही लखनलाल प्रजापति नाग देवता के मंदिर को बनवाने के लिए आगे आए थे। पूरे गांव के लोगों की मदद से नाग देवता का बड़ा मंदिर बना जहां बेशकीमती पत्थर के नाग देवता विराजमान है। मंदिर के पिछले हिस्से में नाग देवता की लम्बी पूछ जमीन पर है जिसे लोग बड़े ही श्रद्धा भाव से नमन करते है। इस स्थान की मान्यता हमीरपुर के अलावा जालौन, महोबा, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर और पड़ोसी एमपी राज्य के तमाम इलाकों में है। हर साल नागपंचमी के दिन हजारों की संख्या में लोग यहां नाग देवता की पूजा और अनुष्ठान करने आते है।

नागपंचमी के दिन ही बड़ी तादाद में बीमार लोगों का भी इलाज होता है। मंदिर के प्रमुख महंत लखनलाल प्रजापति ने बताया कि इस स्थान पर दूरदराज से लोग सर्पदंश से पीड़ित होकर आते है जो नाग देवता की पूजा करने के बाद ठीक होकर लौट जाते है। बताया कि यदि सर्पदंश के शिकार कोई भी व्यक्ति कुछ ही घंटे में नाग देवता के मंदिर में आ जाता है तो उसे नया जीवन जरूर मिलता है। इसी तरह का एक मंदिर मुस्करा क्षेत्र के अलरा गौरा गांव में बना है जहां नागपंचमी पर्व की धूम मचेगी। यहां हर साल की तरह मेला भी लगेगा।

नाग देवता के मंदिर में असाध्य बीमारी होती है छूमंतर

टोडरपुर गांव के पुराने नाग देवता मंदिर के महंत लखनलाल प्रजापति ने बताया कि जिससे निजात पाने के लिए गांव में नाग देवता का मंदिर बनवाया गया था। पिछले दो दशकों से यहां हर साल नागपंचमी के दिन भारी संख्या में लोग आते है। इनमें सैकड़ों की तादाद में मरीज भी आते है जिन्हें असाध्य बीमारी से छुटकारा दिलाने के लिए विशेष प्रकार की पूजा कराई जाती है। बताया शरीर में गांठ, फोड़े और अन्य मर्ज भी नागपंचमी के दिन ही नाग देवता की पूजा और अनुष्ठान करने से छूमंतर हो जाता है। मरीजों की यहां नाग देवता के सामने झाड़ फूंक भी होती है।

काल सर्प दोष से छुटकारा पाने को दिन भर होंगे अनुष्ठान

मुस्करा क्षेत्र के अलरा गौरा गांव में भी काल सर्प दोष से छुटकारा पाने के लिए नाग देवता के मंदिर में नागपंचमी के दिन दिन भर अनुष्ठान चलेगा। गांव के आचार्य जगदीश तिवारी ने बताया कि अलरा गौरा गांव में सैकड़ों साल पहले नाग देवता का मंदिर बना था। ये मंदिर ऊंची पहडिय़ां में बना है। जहां कुंडी मारे नाग देवता की प्रतिमा पर लोग पूजा अर्चना करते है। बताया कि इस मंदिर में काल सर्प दोष से निजात पाने के लिए हजारों लोग दूर-दूर से आते है। कल नागपंचमी को सुबह से देर शाम तक विशेष प्रकार के अनुष्ठान होंगे। मंदिर परिसर में मेला भी आयोजित होगा।

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