Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

मप्र में शुरू हुआ तेज बारिश का दौर, चार जिलों में शुक्रवार को स्कूलों की छुट्टी

भोपाल, 3 अगस्त । मध्यप्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंडला, डिंडौरी, जबलपुर और शहडोल जिले में पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। चारों ही जिलों में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। यहां नर्मदा समेत सभी नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है। जबलपुर के बरगी डैम के 15 गेट खोल दिए गए हैं।

डिंडौरी में बीते 24 घंटों से हो रही झमाझम बारिश के कारण पूरा जिला टापू बन गया है। यहां से जबलपुर, अनूपपुर, उमरिया और मंडला मार्ग बंद हो गए हैं। नर्मदा के नए पुल पर पहली बार पानी आ गया गया, जबकि पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इधर, राजधानी भोपाल में भी सुबह से हो रही रिमझिम बारिश देर रात तक जारी है। इसके अलावा रायसेन, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश हो रही है। जबलपुर में बरगी डैम लबालब भर गया है। डैम के 15 गेट गुरुवार रात 8 बजे खोल दिए हैं। इसके पहले निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है।

नरसिंहपुर में गुरुवार को नौ घंटे में 5.3 इंच पानी गिरा है। पचमढ़ी और सिवनी में ढाई इंच, उमरिया में दो इंच, सतना में डेढ़ इंच, सागर में 1.2 इंच, रायसेन में 1.2 इंच, छिंदवाड़ा-नर्मदापुरम में 1-1 इंच बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी, मालंजखंड, खजुराहो, रीवा, ग्वालियर, बैतूल, दमोह, नौगांव, गुना, सीधी, खंडवा, इंदौर, उज्जैन और राजगढ़ में भी बारिश हुई है।

गुरुवार को जबलपुर-कटनी रेलवे ट्रैक पर पानी के साथ मिट्टी बहकर आ गई। इस वजह से इंदौर-बिलासपुर ट्रेन का रूट डायवर्ट करना पड़ा। ट्रेन भोपाल से इटारसी पहुंची और यहां दो घंटे खड़ी रही। इसके बाद इसे नागपुर रूट से डायवर्ट कर चलाया गया। इटारसी से चलने वाली इटारसी-कटनी मेमू ट्रेन को रद्द करना पड़ा। रेलवे अफसरों के मुताबिक, ट्रैक क्लियर कर लिया गया है।

डिंडौरी में नर्मदा नदी में उफान आ गया है। घाट डूब गए हैं। सुबह से लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। दोपहर एक बजे नर्मदा नदी के जोगी टिकरिया घाट के पुल पर पानी आ गया है। इससे डिंडौरी-जबलपुर मुख्य मार्ग बंद हो गया है। यातायात पुलिस थाना प्रभारी गिरवर सिंह उइके ने बताया कि आवागमन बंद कर दिया गया है। अब वाहन जबलपुर जाने के लिए नगर के अंदर बने पुल से घूम कर जाएंगे।

मौसम विभाग के मुताबिक, मौसम की दो नई प्रणालियां सक्रिय होने के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। जबलपुर, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम, भोपाल संभाग के जिलों में शुक्रवार को भारी बारिश हो सकती है। जबलपुर, नर्मदापुरम, रायसेन सहित 13 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 16 जिलों में आरेंज और 15 जिलों में यलो अलर्ट दिया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक नरसिंहपुर में 137, पचमढ़ी में 68, सिवनी में 60, उमिरया में 48, सतना में 34, सागर में 29, रायसेन में 28, छिंदवाड़ा में 26, नर्मदापुरम में 25, जबलपुर में 17.4, शिवपुरी में 17, मलाजखंड में 16, खजुराहो में 15.4, मंडला में 15, रीवा में 11, भोपाल में 10.2, ग्वालियर में 9.4, बैतूल में आठ, दमोह में सात, नौगांव एवं गुना में चार, सीधी में तीन, खंडवा में दो, इंदौर में 0.3, उज्जैन में 0.2 मिलीमीटर बारिश हुई।

भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि इस समय दो मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके अति कम दबाव के क्षेत्र के काफी मंद गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने हुए उत्तर-पूर्वी मप्र और उससे लगे दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर पहुंचने के आसार हैं। इन दो मौसम प्रणालियों के असर से शुक्रवार-शनिवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।

error: Content is protected !!