
नई टिहरी, 14 अगस्त । तीर्थ नगरी देवप्रयाग क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते अलकनंदा, भागीरथी व गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गयी, जिससे तीर्थ नगरी में हड़कंप बन गया। सोमवार सुबह 9 बजे गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर पहुंच गया।
गढ़वाल क्षेत्र के ऊपरी भाग में हो रही भारी बारिश से सोमवार को देवप्रयाग में अलकनंदा और गंगा नदी उफान पर आ गयी। केंद्रीय जलायोग के सूत्रों के अनुसार, तड़के तीन बजे से अलकनंदा का जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ जो कि, 9 बजे 469.90 तक पहुंच गया। जबकि गंगा 466.97 मीटर तक पहुंच गयी। दोनों नदियों के 463 मीटर खतरे का निशान पार करते ही क्षेत्र के लोगों में अफरा तफरी मच गयी।
संगम स्थल पर मुख्य घाट व यहां स्थित निजी स्कूल की पहली मंजिल पानी में डूब गयी। यहां बने जल पुलिस कक्ष के सभी सुरक्षा उपकरण सहित निर्माणाधीन टोडेश्वर पुल के केबिल भी बह गए। रामकुंड घाट सहित यहां बने आवास भी गंगा में जल मग्न हो गए। जल स्तर बढ़ने के कारण कई दुकानदारों ने अपना सामान शिप्ट किया। जबकि नगरवासी उपवन ध्यानी, उत्तम भट्ट आदि ने अलकनंदा के तेज बहाव में ड्रम, संदूक आदि के साथ शवों को भी बहते देखा।
तहसीलदार मानवेंद्र वर्तवाल के अनुसार, नदियों का जल स्तर बढ़ने पर पुलिस, प्रशासन अलर्ट मोड पर है, नगर पालिका की ओर से लगातार अपील कर लोगों को नदी किनारे न जाने की चेतावनी दी जा रही है।

