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डेनमार्क में किसी भी धार्मिक ग्रंथ का अनादर करना गैरकानूनी कृत्य, संसद में कानून पारित

कोपेनहेगन, 8 दिसंबर । डेनमार्क में किसी भी देश के पवित्र ग्रंथ का अपमान करना गैरकानूनी बनाया गया है। डेनमार्क की संसद ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को एक नया कानून पारित किया है।

यह कानून ऐसे समय पारित किया है, जब हाल में इस्लाम विरोधी कार्यकर्ताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से कुरान का अपमान करने की घटना के बाद कई देशों में प्रदर्शन किए गए।

स्कैंडिनेवियाई राष्ट्र को एक ऐसे स्थान के रूप में देखा जाता है जो अन्य देशों की संस्कृतियों, धर्मों और परंपराओं का अनादर करता है। न्याय मंत्रालय ने कहा है कि कानून का उद्देश्य ‘सुनियोजित तरीके से आयोजित अनादर की घटनाओं’ का मुकाबला करना है, जिसने अन्य बातों के अलावा, डेनमार्क में आतंकवाद के खतरे को बढ़ाया है।

संसद ने इसे 77 के मुकाबले 94 मतों से मंजूर किया जबकि आठ सांसद अनुपस्थित रहे। नया कानून ‘‘किसी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ या वस्तु का अनादर करना’’ अपराध बना देगा। कला के तहत अभिव्यक्ति को कुछ शर्तों के साथ प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है।

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