
पत्नी का दावा, अमृतपाल ने डिब्रूगढ़ जेल में की भूख हड़ताल, तंबाकू देकर सिख धर्म भंग करने का प्रयास
– परिवार वालों से बात करने के लिए नहीं मिल रही फोन सुविधा
चंडीगढ़, 30 जून । एनएसए के तहत गिरफ्तार करके असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजे गए खालिस्तानी कट्टरपंथी अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर ने दावा किया है कि उनके पति को जेल में यातनाएं दी जा रही हैं। जेल में उन्हें खाने में तंबाकू देकर सिख धर्म भंग करने का प्रयास किया गया। साथ ही उन्हें फोन की सुविधा भी नहीं दी जा रही है, ताकि वह घर बात कर सकें।
डिब्रूगढ़ जेल में पति से मुलाकात करके लौटी किरणदीप कौर ने शुक्रवार को मीडिया को एक लिखित बयान में बताया कि जेल का खाना खाने लायक नहीं है, उनके पति को सिख धर्म में प्रतिबंधित तंबाकू खाने के साथ देकर सिख धर्म भंग करने का प्रयास किया जा रहा है। किरणदीप कौर ने कहा कि वह हर हफ्ते अमृतपाल सिंह से मिलने असम की डिब्रूगढ़ जेल जाती हैं। इस बार की मुलाकात में उन्हें पता चला कि अमृतपाल सिंह सहित अन्य सिंह भूख हड़ताल पर हैं।
इसका कारण यह है कि पंजाब सरकार उन्हें डिब्रूगढ़ जेल में परिवार से बात करने के लिए टेलीफोन की अनुमति नहीं दे रही है। अगर यह सुविधा मुहैया करा दी जाए तो एक मुलाकात के लिए जो 20-25 हजार रुपये एक व्यक्ति का खर्चा आता है, उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। फोन की सुविधा नहीं मिलने के कारण वकीलों से बात भी नहीं हो पाती है, जिस कारण वकीलों को न तो कुछ कहा जा सकता है और न ही पूछा जा सकता है। इससे केस लड़ने में काफी बाधा आती है।
उन्होंने बताया कि कभी दाल, सब्जी में नमक नहीं डालते हैं, तो कभी रोटी में तम्बाकू मिली होती है। कभी-कभी वह संक्षेप में यह कहते हैं कि हम आपको नहीं समझते, न ही कोई दुभाषिया है, जो समझा सके। ऐसे दबाव के कारण उनके पति मानसिक समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। दूसरी तरफ डिब्रूगढ़ के उपायुक्त विश्वजीत पैगू ने जेल में किसी तरह की भूख हड़ताल से इनकार किया है।

