Skip to main content
Breaking News :
उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए प्रत्येक मजदूर को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी राज्य सरकार राजस्थान में सुबह 9 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आत्मघाती विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई मणिपुर वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 182 अंक लुढ़का महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट सच्चे हिंदू नहीं हो सकते राहुल गांधी: गिरिराज सिंह राजस्थान सरकार के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बोले- मंत्रियों विधायकों ने मारा, लाल डायरी छीन ली | उज्जैन: भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, आधी रात से लगी लम्बी कतारें | केंद्रीय गृहमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से की बात |

अहमदाबाद, पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू, अमित शाह मंगला आरती में शामिल हुए

अहमदाबाद, पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू, अमित शाह मंगला आरती में शामिल हुए

अहमदाबाद/पुरी, 20 जून । भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आज सारे देश में धूम है। ओडिशा के पुरी की रथयात्रा के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा अहमदाबाद के जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में होती है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सुबह गृहराज्य गुजरात की राजधानी के जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर परिवार के साथ मंगला आरती की।

यहां रथयात्रा सुबह सात बजे शुरू हो गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पहिंदा विधि कर रथ यात्रा की शुरुआत की। इससे पहले तड़के 4ः30 बजे भगवान का खिचड़ा हुआ। 6ः30 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को रथ में विराजमान किया गया।

पुरीः यहां भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हो गई है। भगवान बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ गुंडिचा मंदिर जाएंगे। यह उनकी मौसी का घर माना जाता है। इस रथयात्रा में तकरीबन 25 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे गुंडिचा यात्रा भी कहते हैं। सुबह चार बजे भगवान को जगाया गया। शृंगार के बाद आरती और खिचड़ी भोग लगाया। मंदिर के बाहर तीनों रथों की पूजा की गई।
आज शाम करीब छह बजे तक भगवान जगन्नाथ के गुंडिचा मंदिर पहुंचने की संभावना है। वहां भगवान अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ सात दिन तक रुकेंगे। इसके बाद पंचांग के मुताबिक आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी 28 जून को वापस मंदिर लौटेंगे। मंदिर लौटने वाली इस यात्रा को बहुड़ा यात्रा कहा जाता है।

error: Content is protected !!